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प्राइवेट प्रैक्टिस वालों की जांच कराएगा स्वास्थ्य मंत्रालय
Updated Mon, 20 Aug 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की गोपनीय जांच स्वास्थ्य मंत्रालय कराएगा। इसमें दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी होगी। रविवार को बीएचयू एलडी गेस्ट हाउस में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्रा के साथ हुई बातचीत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इसकी जानकारी दी। कहा कि लंबे समय से प्राइवेट प्रैक्टिस करने की शिकायत मिलने के बाद ही यह फैसला लिया गया है।
गेस्ट हाउस में अनुप्रिया ने अस्पताल में चल रही सुविधाओं और बरकछा कैंपस में सितंबर से शुरू होने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर बातचीत की। कहा कि मंत्रालय के स्तर से गोपनीय जांच करवाया जाएगा, जिससे कि महामना की इस पवित्र संस्था को बदनाम करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सके। अनुप्रिया पटेल ने बताया कि एम्स की तरह बीएचयू के अस्पताल में भी बहुत जल्द ही न्यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियों से ग्रसित बच्चों के बेहतर इलाज के लिए हेल्पलाइन की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे कि अधिक से अधिक गरीब मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
चिकित्सा अधीक्षक ने इस दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस वालों पर कार्रवाई के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी के साथ ही बरकछा कैंपस में सितंबर से शुरू होने वाली ओपीडी की जानकारी दी। बताया कि यहां 500 बेड के अस्पताल निर्माण से संबंधित प्रस्ताव भी 10 दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। इस दौरान सहायक कुलसचिव मनोज गुप्ता, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. एसके सिंह मौजूद रहे।
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गेस्ट हाउस में अनुप्रिया ने अस्पताल में चल रही सुविधाओं और बरकछा कैंपस में सितंबर से शुरू होने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर बातचीत की। कहा कि मंत्रालय के स्तर से गोपनीय जांच करवाया जाएगा, जिससे कि महामना की इस पवित्र संस्था को बदनाम करने वालों को आसानी से पकड़ा जा सके। अनुप्रिया पटेल ने बताया कि एम्स की तरह बीएचयू के अस्पताल में भी बहुत जल्द ही न्यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियों से ग्रसित बच्चों के बेहतर इलाज के लिए हेल्पलाइन की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे कि अधिक से अधिक गरीब मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
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चिकित्सा अधीक्षक ने इस दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस वालों पर कार्रवाई के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी के साथ ही बरकछा कैंपस में सितंबर से शुरू होने वाली ओपीडी की जानकारी दी। बताया कि यहां 500 बेड के अस्पताल निर्माण से संबंधित प्रस्ताव भी 10 दिन में बनकर तैयार हो जाएगा। इस दौरान सहायक कुलसचिव मनोज गुप्ता, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. एसके सिंह मौजूद रहे।
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