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मेट्रो का सर्वे पूरा 15 दिन बाद आएगी रिपोर्ट
Updated Thu, 05 Apr 2018 02:24 AM IST
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वाराणसी। काशी में मेट्रो चलाने के लिए राइट्स की टीम ने दोबारा सर्वे पूरा कर लिया है। अब वह रिपोर्ट तैयार करके 15 दिन बाद वीडीए को सौंपेगी। इसके बाद तय होगा किस शहर में मेट्रो चलेगी या नहीं। हालांकि वाराणसी विकास प्राधिकरण ने मोनोरेल और रोपवे की भी संभावनाएं तलाशने का कार्य शुरू कर दिया है।
बड़े महानगरों की तर्ज पर काशी में भी मेट्रो चलाने के लिए पहली बार सर्वे हुआ था, इसमें बीएचयू से भेल तक व बीएचयू से सारनाथ तक करीब 29 किलोमीटर के दो रूट बनाए गए थे। इसमें 22 किलोमीटर जमीन के अंदर टनल बनाकर और 7 किलोमीटर पिलरों को बना कर मेट्रो को दौड़ाना है।
इसके लिए राइट्स ने सर्वे किया लेकिन उस सर्वे को घाटे का सौदा बताते हुए इस प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया। इसके बाद फिर प्रदेश सरकार ने 81 लाख रुपये देकर राइट्स से दोबारा सर्वे कराया है। इस सर्वे का कार्य भी पूरा हो चुका है टीम दिल्ली लौट चुकी है। वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन बाद राइट्स अपनी सर्वे रिपोर्ट सौंपेगी।
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तलाशी जा रही रोपवे की संभावनाएं
बनारस की गलियों व प्राचीन शहर होने के चलते सड़कों का चौड़ीकरण के अभाव में मेट्रो रेल सेवा को शुरू करने में अधिक परेशानी सामने आने वाली है। इसमें काफी तोड़फोड़ से लेकर कई अन्य समस्याओं को देखते हुए अब शहर में रोपवे चलाने की तैयारी हो रही है। इसको लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ताकि पिलरों के माध्यम से रोपवे को शहर में चलाया जा सके।
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बड़े महानगरों की तर्ज पर काशी में भी मेट्रो चलाने के लिए पहली बार सर्वे हुआ था, इसमें बीएचयू से भेल तक व बीएचयू से सारनाथ तक करीब 29 किलोमीटर के दो रूट बनाए गए थे। इसमें 22 किलोमीटर जमीन के अंदर टनल बनाकर और 7 किलोमीटर पिलरों को बना कर मेट्रो को दौड़ाना है।
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इसके लिए राइट्स ने सर्वे किया लेकिन उस सर्वे को घाटे का सौदा बताते हुए इस प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया। इसके बाद फिर प्रदेश सरकार ने 81 लाख रुपये देकर राइट्स से दोबारा सर्वे कराया है। इस सर्वे का कार्य भी पूरा हो चुका है टीम दिल्ली लौट चुकी है। वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन बाद राइट्स अपनी सर्वे रिपोर्ट सौंपेगी।
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तलाशी जा रही रोपवे की संभावनाएं
बनारस की गलियों व प्राचीन शहर होने के चलते सड़कों का चौड़ीकरण के अभाव में मेट्रो रेल सेवा को शुरू करने में अधिक परेशानी सामने आने वाली है। इसमें काफी तोड़फोड़ से लेकर कई अन्य समस्याओं को देखते हुए अब शहर में रोपवे चलाने की तैयारी हो रही है। इसको लेकर संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ताकि पिलरों के माध्यम से रोपवे को शहर में चलाया जा सके।