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दो साल आठ माह कमिश्नर रहे नितिन रमेश गोकर्ण0
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:31 AM IST
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वाराणसी। सपा और भाजपा दोनों सरकारों में मंडलायुक्त के तौर पर तैनात रहे कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण का शुक्रवार की देर रात तबादला कर दिया गया। उन्हें आवास एवं शहरी नियोजन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है।
नितिन रमेश गोकर्ण की वाराणसी में यह तीसरी बार तैनाती थी। इसके पहले वो एक बार डीएम और एक बार कमिश्नर के तौर पर यहां तैनात रहे थे। जुलाई 2015 में दोबारा उन्हें वाराणसी का कमिश्नर बनाया गया था। वाराणसी में कमिश्नर तैनात होने से पहले वो केंद्र में प्रति नियुक्ति पर थे। कमिश्नर का तबादला अचानक होने से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। बताया जाता है कि वाराणसी में तैनात आईएएस अफसरों की लॉबी नितिन रमेश गोकर्ण के साथ थी। लखनऊ के आला अफसरों से भी उनके अच्छे रिश्ते थे। ऐसे में माना जा रहा है कि पीएमओ के हस्तक्षेप पर कमिश्नर का तबादला किया गया है। बीते साल के विधानसभा चुनाव से पहले नितिन रमेश गोकर्ण को प्रदेश का मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाए जाने की चर्चा जोरों पर थी लेकिन इस पर फैसला नहीं लिया जा सका था। ब्यूरो
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नितिन रमेश गोकर्ण की वाराणसी में यह तीसरी बार तैनाती थी। इसके पहले वो एक बार डीएम और एक बार कमिश्नर के तौर पर यहां तैनात रहे थे। जुलाई 2015 में दोबारा उन्हें वाराणसी का कमिश्नर बनाया गया था। वाराणसी में कमिश्नर तैनात होने से पहले वो केंद्र में प्रति नियुक्ति पर थे। कमिश्नर का तबादला अचानक होने से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। बताया जाता है कि वाराणसी में तैनात आईएएस अफसरों की लॉबी नितिन रमेश गोकर्ण के साथ थी। लखनऊ के आला अफसरों से भी उनके अच्छे रिश्ते थे। ऐसे में माना जा रहा है कि पीएमओ के हस्तक्षेप पर कमिश्नर का तबादला किया गया है। बीते साल के विधानसभा चुनाव से पहले नितिन रमेश गोकर्ण को प्रदेश का मुख्य निर्वाचन अधिकारी बनाए जाने की चर्चा जोरों पर थी लेकिन इस पर फैसला नहीं लिया जा सका था। ब्यूरो
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