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कई भाजपा नेता हाईकमान के रडार पर
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:16 AM IST
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ज्ञानपुर। साधन सहकारी समिति के चुनाव में भाजपा का अनुशासन तार-तार होते दिखा। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के बजाए दूसरे उम्मीदवारों को जिताने के लिए कई नेता खुलकर उतर आए। गुटबाजी के मामले ने इतना तूल पकड़ा कि काशी प्रांत और प्रांतीय नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस मामले में जिले के कई बड़े नेता हाईकमान के रडार पर आ गए हैं। प्रांतीय नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष और किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष तलब को तलब कर लिया है। माना जा रहा है मामले में कुछ पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
विधानसभा और नगर निकाय के बाद सहकारिता चुनाव में भी भाजपा की गुटबाजी सामने आई। संचालक मंडल से लेकर सभापति तक के चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के बजाए दूसरे प्रत्याशियों को जिताने के लिए पार्टी के कई नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी। माननीयों के हस्तक्षेप से पड़ाव स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति पर दो दिनों तक गहमागहमी का माहौल रहा। गुटबाजी का परिणाम यह हुआ कि चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी औंधे मुंह गिर गए। मामला काशी प्रांत और प्रांतीय नेतृत्व तक पहुंचा तो खलबली मच गई। प्रांतीय नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक और किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला को तलब कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सहकारी समिति के चुनाव में कुछ माननीयों ने हस्तक्षेप किया, जो ठीक नहीं था। पूरे मामले से नेतृत्व को अवगत कराया गया है। 12 मार्च को प्रांतीय नेतृत्व ने बुलाया है। वहां जाने पर जो निर्णय होगा उसे अमल में लाया जाएगा।
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विधानसभा और नगर निकाय के बाद सहकारिता चुनाव में भी भाजपा की गुटबाजी सामने आई। संचालक मंडल से लेकर सभापति तक के चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के बजाए दूसरे प्रत्याशियों को जिताने के लिए पार्टी के कई नेताओं ने पूरी ताकत लगा दी। माननीयों के हस्तक्षेप से पड़ाव स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति पर दो दिनों तक गहमागहमी का माहौल रहा। गुटबाजी का परिणाम यह हुआ कि चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी औंधे मुंह गिर गए। मामला काशी प्रांत और प्रांतीय नेतृत्व तक पहुंचा तो खलबली मच गई। प्रांतीय नेतृत्व ने जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक और किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला को तलब कर लिया गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सहकारी समिति के चुनाव में कुछ माननीयों ने हस्तक्षेप किया, जो ठीक नहीं था। पूरे मामले से नेतृत्व को अवगत कराया गया है। 12 मार्च को प्रांतीय नेतृत्व ने बुलाया है। वहां जाने पर जो निर्णय होगा उसे अमल में लाया जाएगा।
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