{"_id":"5a74bf344f1c1bca798b76bf","slug":"141517600564-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्यटन मंत्रालय ने खोली विकास की पोटली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्यटन मंत्रालय ने खोली विकास की पोटली
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर। पर्यटन मंत्रालय ने महत्वपूर्ण स्थलों, घाटों और मंदिरों के विकास के लिए पोटली खोल दी है। नगर स्थित सिद्धपीठ बाबा हरिहरनाथ मंदिर और गोपीगंज स्थित बाबा बड़े शिव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए धनराशि जारी करने के बाद अब दो अन्य मंदिरों का भी चयन किया है। स्वदेश दर्शन योजना के तीसरे चरण में इन मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ ही रामपुर स्थित गंगा घाट के विकास के लिए भी जिला प्रशासन से प्रस्ताव मांगा है।
पर्यटन को रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से स्वदेश दर्शन योजना लागू की गई है। इसके तहत देश के सभी जिलों में ऐतिहासिक धरोहरों और महत्वपूर्ण स्थलों विकसित कर पर्यटकों को लुभाने की कवायद की जा रही है। सांसद वीरेंद्र सिंह की मांग पर पर्यटन मंत्रालय ने जिले के प्राचीन मंदिर हरिहरनाथ और बाबा बड़े शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए चयन किया था। इसके लिए 1.32 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। एक सप्ताह के अंदर दोनों मंदिरों के विकास का काम भी शुरू हो जाएगा। पर्यटन मंत्रालय ने हरियाणा की एक कार्यदायी संस्था को नामित किया है। अब योजना के तीसरे चरण में हनुमान मंदिर दुर्गागंज और मतेथू मंदिर के साथ रामपुर घाट का चयन किया गया है। इन दोनों मंदिरों के सुंदरीकरण के साथ ही रामपुर घाट को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। पर्यटन मंत्रालय ने जिला प्रशासन और पर्यटन अधिकारियों से इसका प्रस्ताव बना कर भेजने को कहा है। सहायक पर्यटन अधिकारी, मिर्जापुर बृजेश कुमार ने बताया कि रामपुर घाट और दोनों मंदिरों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार कर जल्द भेजा जाएगा है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
पर्यटन को रोजगार से जोड़ने के लिए पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से स्वदेश दर्शन योजना लागू की गई है। इसके तहत देश के सभी जिलों में ऐतिहासिक धरोहरों और महत्वपूर्ण स्थलों विकसित कर पर्यटकों को लुभाने की कवायद की जा रही है। सांसद वीरेंद्र सिंह की मांग पर पर्यटन मंत्रालय ने जिले के प्राचीन मंदिर हरिहरनाथ और बाबा बड़े शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए चयन किया था। इसके लिए 1.32 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। एक सप्ताह के अंदर दोनों मंदिरों के विकास का काम भी शुरू हो जाएगा। पर्यटन मंत्रालय ने हरियाणा की एक कार्यदायी संस्था को नामित किया है। अब योजना के तीसरे चरण में हनुमान मंदिर दुर्गागंज और मतेथू मंदिर के साथ रामपुर घाट का चयन किया गया है। इन दोनों मंदिरों के सुंदरीकरण के साथ ही रामपुर घाट को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। पर्यटन मंत्रालय ने जिला प्रशासन और पर्यटन अधिकारियों से इसका प्रस्ताव बना कर भेजने को कहा है। सहायक पर्यटन अधिकारी, मिर्जापुर बृजेश कुमार ने बताया कि रामपुर घाट और दोनों मंदिरों के सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार कर जल्द भेजा जाएगा है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन