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बसपा के बड़े नेता चुनाव प्रचार से दूर रहे
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:46 AM IST
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वाराणसी। विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका लगने के बाद नगर निकाय चुनाव में बहुजन समाज पार्टी बड़े-बड़े दावों के साथ उतरी। महापौर से लेकर पार्षद प्रत्याशी तक को चुनाव मैदान में उतारा गया। मगर शुक्रवार की शाम चुनाव प्रचार का शोर थम गया और बसपा का कोई बड़ा नेता प्रत्याशियों के समर्थन में नहीं आया। कोई जनसभा तक नहीं हुई। आलम ये है कि टिकट मिलने के बाद से जिला और महानगर इकाई के साथ प्रत्याशी अकेले दम पर चुनावी समर में ताल ठोक रहे हैं।
महापौर प्रत्याशी के नामांकन में सांसद मुनकाद अली और कोऑर्डिनेटर अशोक गौतम शामिल हुए लेकिन इसके बाद पार्टी का कोई बड़ा नेता चुनाव प्रचार में नहीं आया। फिलहाल बसपा की चुनावी नैया स्थानीय इकाई और प्रत्याशियों के व्यक्तिगत संपर्कों के भरोसे है। 26 नवंबर को मतदान होना है। अब न तो कोई सभा हो सकती है और न ही चुनाव प्रचार। वहीं, भाजपा, कांग्रेस और सपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर कई बड़े नेता अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में आकर प्रचार कर चुके हैं। भाजपा, सपा और कांग्रेस के लिए महापौर की सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है, वहीं बसपा का कोई कद्दावर नेता एक बार भी चुनाव प्रचार करने नहीं आया।
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महापौर प्रत्याशी के नामांकन में सांसद मुनकाद अली और कोऑर्डिनेटर अशोक गौतम शामिल हुए लेकिन इसके बाद पार्टी का कोई बड़ा नेता चुनाव प्रचार में नहीं आया। फिलहाल बसपा की चुनावी नैया स्थानीय इकाई और प्रत्याशियों के व्यक्तिगत संपर्कों के भरोसे है। 26 नवंबर को मतदान होना है। अब न तो कोई सभा हो सकती है और न ही चुनाव प्रचार। वहीं, भाजपा, कांग्रेस और सपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर कई बड़े नेता अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में आकर प्रचार कर चुके हैं। भाजपा, सपा और कांग्रेस के लिए महापौर की सीट प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है, वहीं बसपा का कोई कद्दावर नेता एक बार भी चुनाव प्रचार करने नहीं आया।
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