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आरएस के खिलाफ पांच सौ पन्नों की चार्जशीट
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:55 AM IST
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वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल की हवा खा रहे चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव, उसके निजी चालक धनजी यादव और विभागीय चालक शिव बहादुर यादव के खिलाफ सोमवार को विजिलेंस (सतर्कता विभाग) ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की अदालत में दाखिल किए गए इस आरोप पत्र में 22 गवाह बनाए गए हैं। आरोपियों को चार्जशीट की प्रति देने के लिए अदालत ने मंगलवार को उन्हें जेल से तलब किया है। जेल भेजे जाने के 90 दिन की समयावधि के अंदर चार्जशीट दाखिल होने से जमानत की कोशिशों में जुटे आरोपियों को तगड़ा झटका लगा है।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की कोर्ट में भ्रष्टाचार, लूट समेत कई आरोपों में यह चार्जशीट विजिलेंस निरीक्षक अरविंद सिंह ने डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह के जरिए दाखिल की। डीजीसी के मुताबिक आठ जून को चंदौली के पेट्रोल पंप के पास ट्रक चालकों की पिटाई, अवैध वसूली करते एआरटीओ के चालक एवं निजी चालक को पकड़ा गया था। इसकी प्रारंभिक विवेचना सीओ चकिया प्रदीप सिंह चंदेल ने की। फिर शासन ने विवेचना सतर्कता विभाग को बीते 22 जून को सौंपी। इस मामले में तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। चंदौली थाने के इस मामले में आईपीसी की धारा 386, 392, 120 बी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की 7/13 व 8/10 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में कहे गए तथ्यों का खुलासा आरोपियों को प्रति उपलब्ध होने के बाद ही हो सकेगा। 90 दिन के अंदर चार्जशीट आ जाने से आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं मिल सकेगा। मंगलवार को यह अवधि समाप्त हो रही थी। मौजूदा समय आरएस यादव मिर्जापुर जेल में और अन्य दो आरोपी वाराणसी की जिला जेल में निरुद्ध है।
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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण की कोर्ट में भ्रष्टाचार, लूट समेत कई आरोपों में यह चार्जशीट विजिलेंस निरीक्षक अरविंद सिंह ने डीजीसी फौजदारी अनिल सिंह के जरिए दाखिल की। डीजीसी के मुताबिक आठ जून को चंदौली के पेट्रोल पंप के पास ट्रक चालकों की पिटाई, अवैध वसूली करते एआरटीओ के चालक एवं निजी चालक को पकड़ा गया था। इसकी प्रारंभिक विवेचना सीओ चकिया प्रदीप सिंह चंदेल ने की। फिर शासन ने विवेचना सतर्कता विभाग को बीते 22 जून को सौंपी। इस मामले में तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। चंदौली थाने के इस मामले में आईपीसी की धारा 386, 392, 120 बी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की 7/13 व 8/10 के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। चार्जशीट में कहे गए तथ्यों का खुलासा आरोपियों को प्रति उपलब्ध होने के बाद ही हो सकेगा। 90 दिन के अंदर चार्जशीट आ जाने से आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं मिल सकेगा। मंगलवार को यह अवधि समाप्त हो रही थी। मौजूदा समय आरएस यादव मिर्जापुर जेल में और अन्य दो आरोपी वाराणसी की जिला जेल में निरुद्ध है।
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