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बीएचयू में लोक संस्कृति की झलक देखेंगे प्रवासी भारतीय
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वाराणसी। युवा प्रवासी भारतीय दिवस के तहत बीएचयू में आने वाले प्रवासी भारतीयों को लोक नृत्य और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। परिसर में जिधर से उनका काफिला गुजरेगा, उन चौराहों पर संगीत एवं मंच कला संकाय के छात्र-छात्राएं विभिन्न अंचलों के नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता में हुई बैठक में 21 जनवरी शाम 3.30 बजे से 7 बजे तक होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। स्वतंत्रता भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया गया। परिसर में सजावट होगी और होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। कल्चरल कमेटी के संयोजक और संगीत एवं मंच कला संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने बताया कि स्वतंत्रता भवन पहुंचने पर शहनाई वादन और नृत्य के साथ अतिथियों का स्वागत होगा।
इसके बाद इंटरेक्शन प्रोगाम होगा। फिर लोकगीत खासकर कजरी, होरी, चैती और वाद्य यंत्र, सितार, वायलिन, मृदंगम, बांसुरी के साथ भरतनाट्यम एवं कथक की जुगलबंदी प्रस्तुत की जाएगी। कथक में ठुमरी तराने पर भाव नृत्य की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में 700 प्रवासी भारतीयों के साथ ही नेहरू युवा केंद्र, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के साथ ही करीब 1500 लोग शामिल होंगे। बैठक में विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के चेयरमैन प्रो. एचबी श्रीवास्तव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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केंद्रीय कार्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता में हुई बैठक में 21 जनवरी शाम 3.30 बजे से 7 बजे तक होने वाले कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। स्वतंत्रता भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया गया। परिसर में सजावट होगी और होर्डिंग्स भी लगाए जाएंगे। कल्चरल कमेटी के संयोजक और संगीत एवं मंच कला संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने बताया कि स्वतंत्रता भवन पहुंचने पर शहनाई वादन और नृत्य के साथ अतिथियों का स्वागत होगा।
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इसके बाद इंटरेक्शन प्रोगाम होगा। फिर लोकगीत खासकर कजरी, होरी, चैती और वाद्य यंत्र, सितार, वायलिन, मृदंगम, बांसुरी के साथ भरतनाट्यम एवं कथक की जुगलबंदी प्रस्तुत की जाएगी। कथक में ठुमरी तराने पर भाव नृत्य की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम में 700 प्रवासी भारतीयों के साथ ही नेहरू युवा केंद्र, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के साथ ही करीब 1500 लोग शामिल होंगे। बैठक में विदेश मंत्रालय और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, अंतरराष्ट्रीय केंद्र के चेयरमैन प्रो. एचबी श्रीवास्तव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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