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बीएचयू के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल छह दिन बाद खत्म
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:48 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार दोपहर से चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल छठे दिन रविवार रात 11:00 बजे खत्म हो गई। कुलसचिव, चिकित्सा अधीक्षक और आईएमएस निदेशक के साथ करीब दो घंटे तक चली बैठक में सभी मांगें माने जाने के बाद रेजिडेंट डॉक्टर इमरजेंसी और वार्डों सहित अन्य जगहों पर काम पर लौट आए। सोमवार से ओपीडी की व्यवस्था पूर्ववत बहाल हो जाएगी।
सोमवार को फीमेल सर्जरी वार्ड में एक महिला और उसके साथ आए युवक और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच मारपीट और फिर कैंपस में मेडिकल छात्रों के हॉस्टल पर पत्थरबाजी, आगजनी, तोड़फोड़ की घटना के बाद मंगलवार दोपहर से डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। अगले दिन से अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हो गई थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के अधिकारियों संग उनकी बातचीत भी हुई लेकिन वह लिखित कार्रवाई पर अड़े रहे।
रविवार को शाम को चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्र ने सभी को वार्ता के लिए एक बार फिर बुलाया। कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला के साथ करीब दो घंटे तक चली बैठक में मांगों पर चर्चा के बाद उनकी सभी मांगें मान ली गईं। प्रो. मिश्र ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर वार्डों और इमरजेंसी में काम शुरू कर दिया है।
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सोमवार को फीमेल सर्जरी वार्ड में एक महिला और उसके साथ आए युवक और रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच मारपीट और फिर कैंपस में मेडिकल छात्रों के हॉस्टल पर पत्थरबाजी, आगजनी, तोड़फोड़ की घटना के बाद मंगलवार दोपहर से डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। अगले दिन से अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हो गई थीं। इसके बाद विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन के अधिकारियों संग उनकी बातचीत भी हुई लेकिन वह लिखित कार्रवाई पर अड़े रहे।
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रविवार को शाम को चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजय नाथ मिश्र ने सभी को वार्ता के लिए एक बार फिर बुलाया। कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, आईएमएस निदेशक प्रो. वीके शुक्ला के साथ करीब दो घंटे तक चली बैठक में मांगों पर चर्चा के बाद उनकी सभी मांगें मान ली गईं। प्रो. मिश्र ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म कर वार्डों और इमरजेंसी में काम शुरू कर दिया है।
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