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कक्ष निरीक्षकों की सूची देने में प्रधानाचार्य लापरवाह
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:32 AM IST
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ज्ञानपुर। यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की तैयारियों को अंतिम रूप देने में शिक्षा महकमा जुटा है, मगर माध्यमिक विध्यालयों की ओर से कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति लिए शिक्षकों की सूची देने में लापरवाही के चलते शिक्षा विभाग परेशान हैं। विद्यालयों की लापरवाही से परीक्षा की तैयारियां बाधित हो रही है।
बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने के लिए 72 केंद्र व्यवस्थापकों की नियुक्ति हो गई है। कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। परीक्षा के लिए दो हजार कक्ष निरीक्षक बनाए जाएंगे। एक परीक्षा कक्ष में 44 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनके लिए दो कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। इस बार की यूपी बोर्ड परीक्षा में स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा पर्वेक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन और शिक्षा महकमा परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने में जुटा है। परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर दस्तक देकर नकल रोकने के लिए सचल दस्ते के गठन की भी प्रक्रिया जारी है। जो शीघ्र पूरी हो जाएगी। जिले में 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 10वीं और 12वीं के 59500 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। दो माह पहले ही यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। मगर कुछ विद्यालयों की लापरवाही से कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में देरी हो रही है। जिले में कुल 180 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन्हीं विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाया जाना है। मगर 18 विद्यालय कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए शिक्षकों की सूची देने में देरी कर रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों से एक जनवरी तक शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा था। इससे शीघ्र कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में देरी हो रही है। बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी सेे शुरू होंगी। परीक्षा शुरू होने में अब मात्र 18 दिन शेष रह गए हैं। विद्यालयों की लापरवाही परीक्षा की तैयारियों पर भारी पड़ सकती है।
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बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने के लिए 72 केंद्र व्यवस्थापकों की नियुक्ति हो गई है। कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। परीक्षा के लिए दो हजार कक्ष निरीक्षक बनाए जाएंगे। एक परीक्षा कक्ष में 44 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनके लिए दो कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की जाएगी। इस बार की यूपी बोर्ड परीक्षा में स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा पर्वेक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन और शिक्षा महकमा परीक्षा को नकल विहीन संपन्न कराने में जुटा है। परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर दस्तक देकर नकल रोकने के लिए सचल दस्ते के गठन की भी प्रक्रिया जारी है। जो शीघ्र पूरी हो जाएगी। जिले में 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 10वीं और 12वीं के 59500 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। दो माह पहले ही यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। मगर कुछ विद्यालयों की लापरवाही से कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में देरी हो रही है। जिले में कुल 180 माध्यमिक विद्यालय हैं। इन्हीं विद्यालयों के शिक्षकों को कक्ष निरीक्षक बनाया जाना है। मगर 18 विद्यालय कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए शिक्षकों की सूची देने में देरी कर रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के लिए सभी माध्यमिक विद्यालयों से एक जनवरी तक शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने को कहा था। इससे शीघ्र कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति में देरी हो रही है। बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी सेे शुरू होंगी। परीक्षा शुरू होने में अब मात्र 18 दिन शेष रह गए हैं। विद्यालयों की लापरवाही परीक्षा की तैयारियों पर भारी पड़ सकती है।
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