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पार्षद दल के नेता के लिए कांग्रेस में घमासान
Updated Sun, 24 Dec 2017 02:37 AM IST
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वाराणसी। निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस में एक बार फिर घमासान मचा है। पार्षद दल के नेता को लेकर पार्टी दो खेमों में बंटती नजर आ रही है। शुक्रवार की रात पार्षदों की बैठक के दौरान महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी को पार्षद दल के नेता चुने जाने पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। अल्पसंख्यक पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए पार्टी की परंपरा और संस्कृति की दुहाई दी है। इस मामले में आलाकमान से भी शिकायत की गई है।
लगातार दूसरी बार पार्षद चुने जाने वाले रमजान अली ने बताया कि कांग्रेस के 21 पार्षदों में 14 मुस्लिम पार्षद हैं। जो अन्य पार्षद जीते हैं उन्हें भी मुस्लिम वोट अधिक मिले हैं। ऐसे में पार्षद दल का नेता कोई मुस्लिम बनना चाहिए। लेकिन पार्टी के महानगर अध्यक्ष और पार्षद दल के पूर्व नेता सीताराम केशरी ने अलोकतांत्रिक तरीके से एक होटल में बैठक कर ली। इसमें कांग्रेस पार्षद दल का चुनाव होना बताया गया था। बैठक में पार्षद पतियों तथा गैर पार्षदों द्वारा मनमाने तरीके से सीताराम को पार्षद दल का नेता चुन लिया गया।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस की नीति रही है कि एक व्यक्ति, एक पद। ऐसे में जब सीताराम केशरी वर्तमान में महानगर अध्यक्ष भी हैं तो उनकी जगह किसी अल्पसंख्यक को यह पद सौंपा जाना चाहिए। पार्षद अफजाल अंसारी, रमजान अली, तुफैल अंसारी और रेयाजुद्दीन ने यह मसला उठाया तो कुछ लोगों द्वारा हाथापाई तक की गई। उन्होंने कहा कि इस मसले को हम पार्षद दस जनपथ तथा मुस्लिम जनता के बीच ले जाएंगे। यह लड़ाई मुकाम हासिल करने तक जारी रखेंगे।
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लगातार दूसरी बार पार्षद चुने जाने वाले रमजान अली ने बताया कि कांग्रेस के 21 पार्षदों में 14 मुस्लिम पार्षद हैं। जो अन्य पार्षद जीते हैं उन्हें भी मुस्लिम वोट अधिक मिले हैं। ऐसे में पार्षद दल का नेता कोई मुस्लिम बनना चाहिए। लेकिन पार्टी के महानगर अध्यक्ष और पार्षद दल के पूर्व नेता सीताराम केशरी ने अलोकतांत्रिक तरीके से एक होटल में बैठक कर ली। इसमें कांग्रेस पार्षद दल का चुनाव होना बताया गया था। बैठक में पार्षद पतियों तथा गैर पार्षदों द्वारा मनमाने तरीके से सीताराम को पार्षद दल का नेता चुन लिया गया।
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उन्होंने बताया कि कांग्रेस की नीति रही है कि एक व्यक्ति, एक पद। ऐसे में जब सीताराम केशरी वर्तमान में महानगर अध्यक्ष भी हैं तो उनकी जगह किसी अल्पसंख्यक को यह पद सौंपा जाना चाहिए। पार्षद अफजाल अंसारी, रमजान अली, तुफैल अंसारी और रेयाजुद्दीन ने यह मसला उठाया तो कुछ लोगों द्वारा हाथापाई तक की गई। उन्होंने कहा कि इस मसले को हम पार्षद दस जनपथ तथा मुस्लिम जनता के बीच ले जाएंगे। यह लड़ाई मुकाम हासिल करने तक जारी रखेंगे।
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