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गांवों तक फैला कॉलोनियों का जाल, जिम्मेदार मौन

Tue, 12 Dec 2017 02:17 AM IST
Updated Tue, 12 Dec 2017 02:17 AM IST
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गांवों तक फैला कॉलोनियों का जाल, जिम्मेदार मौन
वाराणसी। विकास प्राधिकरण के बिना एप्रुवल और ले आउट के प्लाटिंग और कालोनियों के बसाने का खेल सिर्फ हाईवे किनारे तक ही सीमित नहीं है। बल्कि गांवों तक इसका जाल फैल चुका है। वीडीए के अफसरों और डेवलपर्स की सांठगांठ से शहर की सीमा से सटे गांव अनियोजित विकास से पूरी तरह घिर गए हैं। गांव होने के बावजूद खेती-किसानी की जमीन नाममात्र रह गई है। जगह-जगह प्लाटिंग के साथ कॉलोनियां या तो आबाद हो गई हैं या फिर आबाद होने की प्रक्रिया में हैं। महायोजना 2031 के तहत वीडीए की सीमा में आने के बावजूद इन गांवों में चल रहे डेवलपर्स और कॉलोनाइजर्स के मनमाने खेल पर किसी की कोई रोकटोक नहीं। जिम्मेदारों ने पूरी तरह आंखें मूंद ली हैं। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से सांठगांठ कर डेवलपर्स और कॉलोनाइजर्स हर महीने करोड़ाें का वारा-न्यारा कर रहे हैं।
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महायोजना 2031 में वीडीए सीमा के निर्धारण के साथ ही बाकायदा जमीनों के भू उपयोग निर्धारित हैं। हाईवे किनारे की कृषि योग्य और ग्रीन बेल्ट की भूमि हथिया कर वहां कॉलोनियां खड़ी कर दी गईं। अरसा बाद वीडीए ने जब हाईवे पर थोड़ी सख्ती की तो डेवलपर्स और कॉलोनाइजर्स के लिए आसपास के गांव और मुफीद बन गए। गांवों की खेती की जमीन पर प्लाटिंग का खेल शहर के बाहरी हिस्सों में धड़ल्ले से जारी है। खासकर काशी विद्यापीठ, चिरईगांव और हरहुआ ब्लाक के गांव जो गांव शहरी सीमा से सटे हैं, वहां प्लाटिंग के धंधे ने गहरी जड़ें जमा ली हैं।
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काशी विद्यापीठ ब्लाक के तकरीबन एक दर्जन ऐसे गांव हैं जहां लगभग पूरा इलाके में प्लाटिंग हो चुकी है। लेकिन वीडीए के अफसरों की नजर नहीं पड़ी। भरथरा, घमहापुर, भट्ठी, गोपालपुर, कोरौता, अचगांव, नेवादाबारी, बजरिया ऐसे गांव हैं जहां खेती की भूमि पर प्लाटिंग हो चुकी है। किसानों से सस्ती जमीन लेकर मोटे दामों पर बेचा जा रहा है।
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यही हाल हरहुआ ब्लाक में है। शिवपुर के आगे हाईवे के अलावा आसपास के गांवों में कॉलोनियां बस चुकी हैं। काजीसराय, भटौली, दांतेपुर, भेलखा, गनेशपुर, चमाव, चिथरियापुर में अवैध प्लाटिंग का धंधा चल रहा है। लोग अपना इसी तरह चिरईगांव ब्लाक के आशापुर, रुस्तमपुर, सीयो-बराई, शंकरपुर फरीदपुर, सुल्तापुर, उमरहा क्षेत्र में धड़ल्ले से प्लाटिंग का काम चल रहा है।
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