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बीच सड़क बिछाई गई पाइप बनी मुसीबत
Updated Sat, 15 Jul 2017 02:10 AM IST
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वाराणसी। बेनियाबाग (नई सड़क) से लहुराबीर तक डिवाइडर के दोनों किनारों पर बिछाई गई लोहे की मोटी पाइप जाम का कारण बन रही है। त्योहारों के समय भीड़ बढ़ने पर मार्ग पर स्थिति और बदतर हो जा रही है। सावन मेले के बाद दुर्गापूजा, दशहरा, दीवाली, चेतगंज की नक्कटैया पर भी परेशानी उठानी पड़ेगी। इस साल यह इसी स्थिति में रहेगी।
अस्सी से राजघाट तक चल रहे शाही नाले की मरम्मत के लिए यह पाइप बिछाई गई है। काम मार्च तक पूरा हो जाना था लेकिन समय पर नहीं हुआ। सात किमी लंबे शाही नाले की मरम्मत का काम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई जायका के तहत करा रहा है। अस्सी से बेनियाबाग तक बहने वाले सीवर को बेनियाबाग में ब्लाक कर उसे लोहे की वैकल्पिक पाइप से निकाला जा रहा है। इसके बाद बेनिया से राजघाट तक उसकी मरम्मत की जा रही है। गंगा प्रदूषण की कछुआ चाल से मार्च में होने वाला काम अब दिसंबर तक हो पाएगा।
मार्च, 2017 तक काम पूरा करना था लेकिन नाले के अंदर काम कराने के लिए रोजाना चार से पांच घंटे का ही समय मिल पाता है। बारिश में दिक्कत और बढ़ गई है। दिसंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा। - एसके वर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई
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महावीर मंदिर पर चलना मुश्किल
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने सीवेज पाइप बिछाने के लिए खोदी गई सड़क अब तक नहीं बनाई गई। हाल यह है कि चौराहे से पैदल चलना तक मुश्किल है। कीचड़ और गड्ढे से लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। गड्ढे पाटने और सड़क बनाने की हिदायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि इसी में चौराहे पर विख्यात महावीर मंदिर पर मंगलवार और शनिवार को काफी भीड़ होती है।
पांडेयपुर से काली मंदिर तक सर्विस रोड बदहाल
पांडेयपुर से कालीमंदिर तक दोनों ओर की सर्विस रोड पर चलना मुश्किल है। लोग बाइक से गिर रहे हैं। बगल में नाला 15 दिन से खुला छोड़ दिया गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
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अस्सी से राजघाट तक चल रहे शाही नाले की मरम्मत के लिए यह पाइप बिछाई गई है। काम मार्च तक पूरा हो जाना था लेकिन समय पर नहीं हुआ। सात किमी लंबे शाही नाले की मरम्मत का काम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई जायका के तहत करा रहा है। अस्सी से बेनियाबाग तक बहने वाले सीवर को बेनियाबाग में ब्लाक कर उसे लोहे की वैकल्पिक पाइप से निकाला जा रहा है। इसके बाद बेनिया से राजघाट तक उसकी मरम्मत की जा रही है। गंगा प्रदूषण की कछुआ चाल से मार्च में होने वाला काम अब दिसंबर तक हो पाएगा।
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मार्च, 2017 तक काम पूरा करना था लेकिन नाले के अंदर काम कराने के लिए रोजाना चार से पांच घंटे का ही समय मिल पाता है। बारिश में दिक्कत और बढ़ गई है। दिसंबर तक काम पूरा कर लिया जाएगा। - एसके वर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई
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महावीर मंदिर पर चलना मुश्किल
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने सीवेज पाइप बिछाने के लिए खोदी गई सड़क अब तक नहीं बनाई गई। हाल यह है कि चौराहे से पैदल चलना तक मुश्किल है। कीचड़ और गड्ढे से लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। गड्ढे पाटने और सड़क बनाने की हिदायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि इसी में चौराहे पर विख्यात महावीर मंदिर पर मंगलवार और शनिवार को काफी भीड़ होती है।
पांडेयपुर से काली मंदिर तक सर्विस रोड बदहाल
पांडेयपुर से कालीमंदिर तक दोनों ओर की सर्विस रोड पर चलना मुश्किल है। लोग बाइक से गिर रहे हैं। बगल में नाला 15 दिन से खुला छोड़ दिया गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।