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Varanasi News: नागरी प्रचारिणी सभा में 130 साल पुरानी परंपरा फिर से होगी प्रवाहमान

Tue, 24 Oct 2023 01:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:48 AM IST
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130 years old tradition will flow again in Nagari Pracharini Sabha
नागरी प्रचारिणी सभा अपनी एक पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करने जा रही है। विजयादशमी के एक दिन बाद, जिस शाम नाटीइमली के मैदान में बनारस का लक्खी मेला भरत मिलाप संपन्न होता है, उसी शाम मेले के बाद काशी नरेश नागरी प्रचारिणी सभा जाते थे। वहां संध्या वंदन की परंपरा निभाते थे। बीच-बीच में यह परंपरा खंडित हुई, लेकिन अब यह फिर से जीवित हो रही है। नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने अनंत नारायण सिंह से इस बार सभा परिसर में पधारने और संध्या-वंदन करने का अनुरोध किया। दुर्ग रामनगर ने उनके आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। तारीखों की उलटफेर की वजह से इस बार नाटी इमली और रामनगर में भरत मिलाप की लीला एक ही दिन पड़ गई है, इसलिए यहां संध्या-वंदन तो नहीं होगा, लेकिन राज-परिवार अपने पूरे लश्कर के साथ सभा-भवन आएगा। सभा के पदाधिकारियों का अभिवादन स्वीकार करके रामनगर रवाना हो जाएगा।
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जाति के बारे में टीप से आहत थे काशी नरेश
130 साल पुरानी ये परंपरा बीच में एक बार तब टूटी थी जब नागरी प्रचारिणी सभा ने शब्दसागर का प्रथम प्रकाशन किया था। राज-परिवार की जाति के बारे में जो टीप शब्दसागर में थी, वह काशी नरेश को पसंद नहीं आई और उस समय के काशीनरेश ने सभा आना-जाना बंद कर दिया। वर्षों बाद, संक्षिप्त हिंदी शब्दसागर के प्रकाशन के समय सभा ने अपने शब्दसागर की उस टीप में संशोधन कर लिया। इसके बाद सभा के संबंध राजपरिवार से बहाल हो गए। इसके बाद कोविड और सभा के चुनावों की वजह से यह सिलसिला रुका, लेकिन अब यह परंपरा फिर से शुरू होने जा रही है।
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