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गोदौलिया से मैदागिन के बीच तारों का जाल देख फटकार
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:47 AM IST
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वाराणसी। पुरानी काशी में आईपीडीएस के कार्य में विधान परिषद की जांच कमेटी कई खामियां मिली। समिति ने पाया कि तारों के जंजाल से मुक्ति के लिए जो योजना बनाई गई थी वह पूरी तरीके से परवान नहीं चढ़ सकी है। विभाग की लापरवाही पर समिति ने फटकार भी लगाई।
मंगलवार को समिति के सदस्य गोदौलिया पहुंचे। गोदौलिया से मैदागिन तक समिति के सदस्यों ने पैदल चलकर मुख्य मार्ग और गलियों में लगे ट्रांसफार्मर और तारों के जाल को देखकर नाराजगी जताई। बड़ादेव मंदिर, बांसफाटक पर तीन स्थानों पर, विश्वनाथ गली, फूलमंडी, ज्ञानवापी क्रासिंग के पास, चौक, मैदागिन में बिजली विभाग की लापरवाही पर समिति ने कड़ी फटकार लगाई। कहा कि बाबा विश्वनाथ और गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के लिए यह प्रमुख मार्ग है। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर से तेल गिरना, तारों का जंजाल, स्पार्किंग आदि अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने को कहा। आईपीडीएस के बाक्स के टूटे तालों को बदलने के लिए कहा।
कई जगह काम ही नहीं हुआ
राजघाट से लेकर नगवां तक गंगा की ओर से जाने वाली गलियों में मणिकर्णिका को छोड़कर बाकी किसी जगह आईपीडीएस का काम नहीं हुआ है। जिन इलाकों में चार पहिया वाहन आसानी से चले जाएं वहां पर आईपीडीएस का काम कराया गया। इंजीनियरों को जहां जगह मिली वहां काम कराया और जहां काम में दिक्कत रहीं वहां काम नहीं कराया। समिति अपनी जांच रिपोर्ट बड़ी समिति के अध्यक्ष बलराम यादव के पास भेजेगी।
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एक मीटर की गहराई पर निकली तार
मंगलवार को सर्किट हाउस में हीरालाल यादव की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों से आईपीडीएस से जुड़े कागजात मांगे गए और काम के बारे में पूरी जानकारी ली। इसके बाद समिति के अध्यक्ष व सदस्यों में शामिल सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश, केदारनाथ सिंह, सीपी चंद्र, रामअवध यादव सीधे साकेतनगर पहुंचे। यहीं पास में एमएलसी केदारनाथ सिंह का घर था। समिति ने आईपीडीएस अधिकारियों से पूछा कितने मीटर नीचे बिजली की तार डाली गई है। अधिकारियों ने बताया कि 900 मिलीमीटर पर तार डाला गया। समिति ने तत्काल खुदाई शुरू कराई। इसके बाद सड़क से तार की गहराई नापी गई तो 1 मीटर से अधिक पाया गया। समिति यहां से संकटमोचन मंदिर के बाहर सड़क पर लगे कंट्रोल बाक्स को खुलवाकर काम देखा। विश्वनाथ गली के व्यापारियों ने समिति का स्वागत फूल मालाओं से किया।
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मंगलवार को समिति के सदस्य गोदौलिया पहुंचे। गोदौलिया से मैदागिन तक समिति के सदस्यों ने पैदल चलकर मुख्य मार्ग और गलियों में लगे ट्रांसफार्मर और तारों के जाल को देखकर नाराजगी जताई। बड़ादेव मंदिर, बांसफाटक पर तीन स्थानों पर, विश्वनाथ गली, फूलमंडी, ज्ञानवापी क्रासिंग के पास, चौक, मैदागिन में बिजली विभाग की लापरवाही पर समिति ने कड़ी फटकार लगाई। कहा कि बाबा विश्वनाथ और गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के लिए यह प्रमुख मार्ग है। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर से तेल गिरना, तारों का जंजाल, स्पार्किंग आदि अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने को कहा। आईपीडीएस के बाक्स के टूटे तालों को बदलने के लिए कहा।
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कई जगह काम ही नहीं हुआ
राजघाट से लेकर नगवां तक गंगा की ओर से जाने वाली गलियों में मणिकर्णिका को छोड़कर बाकी किसी जगह आईपीडीएस का काम नहीं हुआ है। जिन इलाकों में चार पहिया वाहन आसानी से चले जाएं वहां पर आईपीडीएस का काम कराया गया। इंजीनियरों को जहां जगह मिली वहां काम कराया और जहां काम में दिक्कत रहीं वहां काम नहीं कराया। समिति अपनी जांच रिपोर्ट बड़ी समिति के अध्यक्ष बलराम यादव के पास भेजेगी।
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एक मीटर की गहराई पर निकली तार
मंगलवार को सर्किट हाउस में हीरालाल यादव की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों से आईपीडीएस से जुड़े कागजात मांगे गए और काम के बारे में पूरी जानकारी ली। इसके बाद समिति के अध्यक्ष व सदस्यों में शामिल सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश, केदारनाथ सिंह, सीपी चंद्र, रामअवध यादव सीधे साकेतनगर पहुंचे। यहीं पास में एमएलसी केदारनाथ सिंह का घर था। समिति ने आईपीडीएस अधिकारियों से पूछा कितने मीटर नीचे बिजली की तार डाली गई है। अधिकारियों ने बताया कि 900 मिलीमीटर पर तार डाला गया। समिति ने तत्काल खुदाई शुरू कराई। इसके बाद सड़क से तार की गहराई नापी गई तो 1 मीटर से अधिक पाया गया। समिति यहां से संकटमोचन मंदिर के बाहर सड़क पर लगे कंट्रोल बाक्स को खुलवाकर काम देखा। विश्वनाथ गली के व्यापारियों ने समिति का स्वागत फूल मालाओं से किया।