{"_id":"5bc102a6bdec22696720cf5a","slug":"121539375782-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व सांसद जवाहर और उसका बेटा फरार घोषित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व सांसद जवाहर और उसका बेटा फरार घोषित
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी यादव की अदालत ने बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या के आरोपी पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और उसके बेटे गौरव जायसवाल को फरार घोषित किया है। अदालत ने आदेश दिया है कि आरोपियों के स्थायी-अस्थायी आवास और रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, कलेक्ट्रेट व कचहरी जैसे सार्वजनिक स्थलों पर उनके फरार होने की सूचना चस्पा कराई जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय समाचार पत्रों में भी फरार होने के आदेश का प्रकाशन कराया जाए।
23 अप्रैल 2012 को अर्दली बाजार निवासी बैंक कर्मचारी महेश जायसवाल की हत्या भोजूबीर में गोली मार कर की गई थी। अदालत में मामले के विवेचक इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने आवेदन देकर कहा कि जवाहर और गौरव की गिरफ्तारी का वारंट जारी हैं। दोनों आरोपी अपने सगे-संबंधियों के जरिये अपनी संपत्तियां हटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश जारी नहीं है। ऐसे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाए। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आदेश में कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की लेकिन दोनों आरोपी पकड़े नहीं जा सके। अदालत में दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण का आवेदन भी नहीं दाखिल है और इस संबंध में स्थगन आदेश भी नहीं है। ऐसे में दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाता है।
विज्ञापन
23 अप्रैल 2012 को अर्दली बाजार निवासी बैंक कर्मचारी महेश जायसवाल की हत्या भोजूबीर में गोली मार कर की गई थी। अदालत में मामले के विवेचक इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने आवेदन देकर कहा कि जवाहर और गौरव की गिरफ्तारी का वारंट जारी हैं। दोनों आरोपी अपने सगे-संबंधियों के जरिये अपनी संपत्तियां हटा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश जारी नहीं है। ऐसे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाए। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन के बाद आदेश में कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की लेकिन दोनों आरोपी पकड़े नहीं जा सके। अदालत में दोनों आरोपियों के आत्मसमर्पण का आवेदन भी नहीं दाखिल है और इस संबंध में स्थगन आदेश भी नहीं है। ऐसे में दोनों आरोपियों को फरार घोषित किया जाता है।
विज्ञापन