{"_id":"5b427bd74f1c1b9d288b55aa","slug":"121531083735-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगदारी मामले में गायत्री के करीबी का बेटा भी गिरफ्तार0","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंगदारी मामले में गायत्री के करीबी का बेटा भी गिरफ्तार0
Updated Mon, 09 Jul 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी से रंगदारी मांगने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के करीबी और उसके साथ जेल में बंद अशोक तिवारी के बेटे आशुतोष तिवारी को रविवार को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। 24 घंटे के अंदर मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। शनिवार को पुलिस ने खुद को गायत्री का खास चपरासी बताने वाले वीरखुंभा निवासी मान सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों गिरफ्तारियां मामले की छानबीन के लिए लखनऊ गई जिला पुलिस की टीमों ने की हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आशुतोष तिवारी पूर्व में व्यापारी अरविंद तिवारी का बिजनेस पार्टनर रह चुका है। देर रात तक उसे लेकर जिला पुलिस की टीम के यहां पहुंचने की संभावना है। लखनऊ के आशियाना निवासी आशुतोष तिवारी रंगदारी मांगने के मामले में आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोपी है। आशुतोष के कहने पर ही गायत्री ने अरविंद को कॉल कर बालू टेंडर का कमीशन लखनऊ जेल पहुंचाने को कहा था।
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत जंगमबाड़ी निवासी अरविंद तिवारी का आरोप है कि उन्हें नौ जून को कॉल कर गायत्री प्रसाद प्रजापति ने रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामले को लेकर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ रंगदारी मांगनेे का मुकदमा दर्ज किया गया। छानबीन के लिए जिला पुलिस की दो टीमें लखनऊ भेजी गईं।
विज्ञापन
सर्विलांस की मदद से पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि अरविंद के मोबाइल पर कॉल लखनऊ जेेल से गायत्री ने ही की थी। पुलिस ने मामले में शनिवार को लखनऊ के गोसाईगंज थाना के वीरखुंभा निवासी मान सिंह को गिरफ्तार किया था। मान सिंह खुद को गायत्री का खास चपरासी बताता था और कॉल करने में प्रयुक्त मोबाइल-सिम को तीन जुलाई को लखनऊ जेल से बाहर लाकर नष्ट कर दिया था। इस बारे में दशाश्वमेध पुलिस ने बताया कि मामले में एक और आरोपी की तलाश है और लखनऊ गई दूसरी टीम उसकी गिरफ्तारी के बाद शहर लौटेगी।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आशुतोष तिवारी पूर्व में व्यापारी अरविंद तिवारी का बिजनेस पार्टनर रह चुका है। देर रात तक उसे लेकर जिला पुलिस की टीम के यहां पहुंचने की संभावना है। लखनऊ के आशियाना निवासी आशुतोष तिवारी रंगदारी मांगने के मामले में आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोपी है। आशुतोष के कहने पर ही गायत्री ने अरविंद को कॉल कर बालू टेंडर का कमीशन लखनऊ जेल पहुंचाने को कहा था।
विज्ञापन
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत जंगमबाड़ी निवासी अरविंद तिवारी का आरोप है कि उन्हें नौ जून को कॉल कर गायत्री प्रसाद प्रजापति ने रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामले को लेकर 30 जून को दशाश्वमेध थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ रंगदारी मांगनेे का मुकदमा दर्ज किया गया। छानबीन के लिए जिला पुलिस की दो टीमें लखनऊ भेजी गईं।
विज्ञापन
सर्विलांस की मदद से पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि अरविंद के मोबाइल पर कॉल लखनऊ जेेल से गायत्री ने ही की थी। पुलिस ने मामले में शनिवार को लखनऊ के गोसाईगंज थाना के वीरखुंभा निवासी मान सिंह को गिरफ्तार किया था। मान सिंह खुद को गायत्री का खास चपरासी बताता था और कॉल करने में प्रयुक्त मोबाइल-सिम को तीन जुलाई को लखनऊ जेल से बाहर लाकर नष्ट कर दिया था। इस बारे में दशाश्वमेध पुलिस ने बताया कि मामले में एक और आरोपी की तलाश है और लखनऊ गई दूसरी टीम उसकी गिरफ्तारी के बाद शहर लौटेगी।