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नहीं टूटेगा पशुपतिनाथ मंदिर, धरोहर होंगी संरक्षित
Updated Mon, 07 May 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के ब्लू प्रिंट में बदलावा होना तय माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनने और बढ़ते विरोध के चलते शासन और प्रशासन स्तर पर इस मामले में हलचल तेज हो गई हैं। रविवार को मंदिर परिक्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने साफ किया कि मंदिर और धरोहरों पर कॉरीडोर की आंच नहीं आएगी। योजना के जद में आने वाले पक्का महाल (पुराना बनारस) के ललिता घाट इलाके में स्थित नेपाली मंदिर से सटे सभी 36 मंदिरों और धरोहरों को ध्वस्त करने की बजाए, उन्हें मूल स्वरूप में संरक्षित किया जाएगा। यही नहीं जो मंदिर तोड़ दिए गए हैं या किसी तरह टूट गए हैं, उनका पुनरुद्धार भी होगा। साथ ही मंदिरों-मठों पर कब्जा जमाए लोगों को बेदखल कर उन्हें नया रूप दिया जाएगा।
विश्वनाथ कॉरिडोर योजना से प्रभावित भारत-नेपाल मैत्री की निशानी ललिता घाट स्थित पशुपति नाथ महादेव मंदिर तोड़े जाने का मसला पीएम मोदी की अगले सप्ताह नेपाल यात्रा में उठने की खबर को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर शासन ने गंभीरता से लिया है। दो विनायक के मंदिर के ध्वस्तीकरण का भी मामला संज्ञान में लिया गया है। विश्वनाथ कॉरीडोर प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार डीएम योगेश्वर राम मिश्र पक्का महाल पहुंचे। दो घंटे तक गलियों में घूमकर ध्वस्तीकरण अभियान के बारे में जानकारी ली। नेपाली मंदिर समेत कई अन्य मंदिरों के प्रबंधकों से उन्होंने बात भी की। डीएम ने बताया कि कॉरिडोर योजना के ब्लू प्रिंट में सभी मंदिर और धरोहरों के संरक्षण और पुनरुद्धार को शामिल किया जाएगा। यह बात उन्होंने नेपाली मंदिर के प्रबंधक को भी बताई। कहा कि डीपीआर तैयार करने का काम लगभग अंतिम दौर में है। इसके तैयार होते ही वह खुद इसे सार्वजनिक करेंगे ताकि किसी तरह का विवाद न पैदा हो। शहर में एक अच्छा काम होने जा रहा है वह सबकी सहमति से ही हो, ऐसा ही शासन की भी मंशा है।
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विश्वनाथ कॉरिडोर योजना से प्रभावित भारत-नेपाल मैत्री की निशानी ललिता घाट स्थित पशुपति नाथ महादेव मंदिर तोड़े जाने का मसला पीएम मोदी की अगले सप्ताह नेपाल यात्रा में उठने की खबर को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने पर शासन ने गंभीरता से लिया है। दो विनायक के मंदिर के ध्वस्तीकरण का भी मामला संज्ञान में लिया गया है। विश्वनाथ कॉरीडोर प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार डीएम योगेश्वर राम मिश्र पक्का महाल पहुंचे। दो घंटे तक गलियों में घूमकर ध्वस्तीकरण अभियान के बारे में जानकारी ली। नेपाली मंदिर समेत कई अन्य मंदिरों के प्रबंधकों से उन्होंने बात भी की। डीएम ने बताया कि कॉरिडोर योजना के ब्लू प्रिंट में सभी मंदिर और धरोहरों के संरक्षण और पुनरुद्धार को शामिल किया जाएगा। यह बात उन्होंने नेपाली मंदिर के प्रबंधक को भी बताई। कहा कि डीपीआर तैयार करने का काम लगभग अंतिम दौर में है। इसके तैयार होते ही वह खुद इसे सार्वजनिक करेंगे ताकि किसी तरह का विवाद न पैदा हो। शहर में एक अच्छा काम होने जा रहा है वह सबकी सहमति से ही हो, ऐसा ही शासन की भी मंशा है।
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