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कर्ज चुकाने में असमर्थ किसान ने की खुदकुशी
Updated Wed, 28 Mar 2018 02:07 AM IST
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मिर्जामुराद (वाराणसी)। सड़क हादसे में खराब हुए पैर और उपचार को लिए गए उधार को चुकाने में खुद को असमर्थ देख अदमापुर गांव निवासी किसान राजबहादुर पटेल (40) ने खुदकुशी कर ली। मंगलवार की सुबह राजबहादुर का शव उनके घर से कुछ दूर आम के पेड़ की डाल के सहारे लुंगी के फंदे से लटका मिला। मिर्जामुराद पुलिस ने पहुंचकर शव को पेड़ से उतरवाया।
मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के अदमापुर निवासी किसान राजबहादुर के पास लगभग डेढ़ बीघा जमीन थी। इनके दो बेटे विशाल व विवेक और बेटी रानी है। राजबहादुर का पैर करीब दो वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में खराब हो गया था। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने पैर में रॉड डाली थी। इसके बाद राजबहादुर के पैर में संक्रमण फैल गया। इस वजह से उपचार के लिए राजबहादुर को रिश्तेदारों और गांव के लोगों से तीन लाख से ज्यादा रुपये कर्ज लेना पड़ा। इसके बावजूद पैर ठीक नहीं हुआ तो वह अवसाद ग्रस्त रहने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि राजबहादुर कहा करता था कि अगर पैर ठीक हो जाता तो मेहनत कर वह सभी का उधार चुका देता। उधर, राजबहादुर की पत्नी चंद्रावती और बूढ़ी मां रामप्यारी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। चंद्रावती का यही कहना था कि तीन मासूम बच्चों का अब किसके सहारे गुजर-बसर होगी। चंद्रावती का रोना देख ढांढस बंधाने आई गांव की महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे जा रही थी।
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मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के अदमापुर निवासी किसान राजबहादुर के पास लगभग डेढ़ बीघा जमीन थी। इनके दो बेटे विशाल व विवेक और बेटी रानी है। राजबहादुर का पैर करीब दो वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में खराब हो गया था। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने पैर में रॉड डाली थी। इसके बाद राजबहादुर के पैर में संक्रमण फैल गया। इस वजह से उपचार के लिए राजबहादुर को रिश्तेदारों और गांव के लोगों से तीन लाख से ज्यादा रुपये कर्ज लेना पड़ा। इसके बावजूद पैर ठीक नहीं हुआ तो वह अवसाद ग्रस्त रहने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि राजबहादुर कहा करता था कि अगर पैर ठीक हो जाता तो मेहनत कर वह सभी का उधार चुका देता। उधर, राजबहादुर की पत्नी चंद्रावती और बूढ़ी मां रामप्यारी देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। चंद्रावती का यही कहना था कि तीन मासूम बच्चों का अब किसके सहारे गुजर-बसर होगी। चंद्रावती का रोना देख ढांढस बंधाने आई गांव की महिलाओं की भी हिम्मत जवाब दे जा रही थी।
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