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जोनल, अवर अभियंता, सुपरवाइजर कार्रवाई की जद में
Updated Sun, 28 Jan 2018 02:08 AM IST
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वाराणसी। दालमंडी में अवैध बेसमेंट निर्माण के मामले में वीडीए और नगर निगम के पिछले चार साल के दौरान तैनात रहे जोनल अधिकारी, अवर अभियंता और सुपरवाइजर पर गाज गिर सकती है। सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम ने इन्हें प्रथम दृष्टया दोषी मानतेे हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। रिपोर्ट डीएम योगेश्वर राम मिश्र के पास है। सूत्रों की मानें तो वह परीक्षण के बाद कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे। चौक थाने के जिम्मेदार पुलिसकर्मी और एलआईयू के स्थानीय पुलिसकर्मी भी कार्रवाई की जद में हैं।
पता चला है कि वीडीए और नगर निगम को अवैध निर्माण की जानकारी पहले से थी। इसे लेकर दोनों विभागों में पत्राचार भी हुआ है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व के चौक थाना प्रभारी और दालमंडी के चौकी इंचार्ज के संज्ञान में भी मामला था लेकिन किसी ने कार्रवाई की पहल नहीं की। 2013 से लेकर 2018 तक नगर निगम और विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता और सुपरवाइजर के पद पर तैनात रहने वालों की संख्या करीब दो दर्जन बताई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर विकास और नगर निगम के आला अधिकारी भी विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं। चर्चा है कि शासन की बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर छोटी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस की ओर से अब तक चौक थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।
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पता चला है कि वीडीए और नगर निगम को अवैध निर्माण की जानकारी पहले से थी। इसे लेकर दोनों विभागों में पत्राचार भी हुआ है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व के चौक थाना प्रभारी और दालमंडी के चौकी इंचार्ज के संज्ञान में भी मामला था लेकिन किसी ने कार्रवाई की पहल नहीं की। 2013 से लेकर 2018 तक नगर निगम और विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता और सुपरवाइजर के पद पर तैनात रहने वालों की संख्या करीब दो दर्जन बताई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर विकास और नगर निगम के आला अधिकारी भी विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं। चर्चा है कि शासन की बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए स्थानीय स्तर पर छोटी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस की ओर से अब तक चौक थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह को लाइन हाजिर किया गया है।
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