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अतुल राय की रिमांड खारिज, साथी को जेल
Updated Mon, 11 Dec 2017 02:17 AM IST
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वाराणसी। मऊ के सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी और डाफी टोल टैक्स पर फायरिंग के आरोपी बसपा नेता अतुल राय की रिमांड अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामनेत यादव की अदालत ने खारिज कर दी। वहीं, अतुल के साथी शोभित उर्फ गोलू को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। रविवार को सुनवाई के दौरान अपराह्न चार बजे से रात नौ बजे तक कचहरी परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। कोर्ट का आदेश आने तक बड़ी संख्या में अतुल के समर्थक डटे रहे।
डाफी टोल प्लाजा पर छह जुलाई को हुई फायरिंग के मामले में लंका पुलिस को गाजीपुर जिले के वीरपुर निवासी अतुल राय की तलाश थी। इस मामले में रोहनिया के बेटावर निवासी सर्वेश तिवारी ने अतुल राय और 12 अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। गिरफ्तारी न होने पर पिछले दिनों अतुल के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया था। शनिवार की रात अतुल राय और शोभित उर्फ गोलू के शहर में मौजूद होने की सूचना मिली तो क्राइम ब्रांच ने दोनों को दबोच लिया और लंका पुलिस को सौंप दिया। फायरिंग मामले में अतुल से रामनगर थाने में पूछताछ की गई।
रविवार को दोपहर बाद लंका थानाध्यक्ष ने अतुल और गोलू को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अतुल के अधिवक्ता अनुज यादव और विपिन शर्मा ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया। कहा कि हाईकोर्ट ने साक्ष्य मिलने के पहले और चार्जशीट आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। इसके बावजूद पुलिस ने अतुल को गिरफ्तार कर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की है। अधिवक्ताआें ने गिरफ्तारी करने वाली टीम के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की। लंबी जिरह के बाद कोर्ट ने कहा कि अतुल के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए रिमांड खारिज की जाती है। वहीं, दूसरे आरोपी गोलू के संबंध में हाईकोर्ट का आदेश नहीं होने के कारण उसे जेल भेज दिया।
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डाफी टोल प्लाजा पर छह जुलाई को हुई फायरिंग के मामले में लंका पुलिस को गाजीपुर जिले के वीरपुर निवासी अतुल राय की तलाश थी। इस मामले में रोहनिया के बेटावर निवासी सर्वेश तिवारी ने अतुल राय और 12 अज्ञात के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। गिरफ्तारी न होने पर पिछले दिनों अतुल के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया था। शनिवार की रात अतुल राय और शोभित उर्फ गोलू के शहर में मौजूद होने की सूचना मिली तो क्राइम ब्रांच ने दोनों को दबोच लिया और लंका पुलिस को सौंप दिया। फायरिंग मामले में अतुल से रामनगर थाने में पूछताछ की गई।
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रविवार को दोपहर बाद लंका थानाध्यक्ष ने अतुल और गोलू को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अतुल के अधिवक्ता अनुज यादव और विपिन शर्मा ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध किया। कहा कि हाईकोर्ट ने साक्ष्य मिलने के पहले और चार्जशीट आने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। इसके बावजूद पुलिस ने अतुल को गिरफ्तार कर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की है। अधिवक्ताआें ने गिरफ्तारी करने वाली टीम के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की। लंबी जिरह के बाद कोर्ट ने कहा कि अतुल के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए रिमांड खारिज की जाती है। वहीं, दूसरे आरोपी गोलू के संबंध में हाईकोर्ट का आदेश नहीं होने के कारण उसे जेल भेज दिया।
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