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मॉं इन ट्रांजिट का अभिनय
Updated Tue, 24 Oct 2017 02:02 AM IST
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वाराणसी। गंगा के इस पार मणिकर्णिका घाट पर एक ओर चिताएं जल रही हैं तो दूसरी ओर गंगा पार डोमरी में रामकथा मानस मसान का आयोजन चल रहा है। राष्ट्र संत मोरारी बापू की मौजूदगी में सोमवार की शाम रामकथा के बाद सांस्कृतिक संध्या में सिने अभिनेता मकरंद देशपांडेय ने मां इन ट्रांजिट नाटक का मंचन किया। इस नाटक के जरिए उन्होंने मानस मसान का संदेश दिया।
मां और बेटे की कहानी पर आधारित नाटक में मां की मौत के बाद उसे पाने की जददोजहद में लग जाता है। उसके पास चिता जलाने की लकड़ी का भी पैसा नहीं होता है। इसके लिए वह काफी दौड़ धूप करता है। गरीबी के चलते व्यक्ति को चिता जलाने के लिए भी पैसे के लिए मोहताज होना पड़ता है। इस दौरान कई भक्तों के आंखों में आंसू आ गए। मकरंद देशपांडेय जंगली, सरफरोश, स्वदेश, मकड़ी, डरना जरूरी है जैसी हिट फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं।
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मां और बेटे की कहानी पर आधारित नाटक में मां की मौत के बाद उसे पाने की जददोजहद में लग जाता है। उसके पास चिता जलाने की लकड़ी का भी पैसा नहीं होता है। इसके लिए वह काफी दौड़ धूप करता है। गरीबी के चलते व्यक्ति को चिता जलाने के लिए भी पैसे के लिए मोहताज होना पड़ता है। इस दौरान कई भक्तों के आंखों में आंसू आ गए। मकरंद देशपांडेय जंगली, सरफरोश, स्वदेश, मकड़ी, डरना जरूरी है जैसी हिट फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं।
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