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खादी बनेगा काशी विद्यापीठ का ब्रांड, बुनकर सिखाएंगे छात्रों को कपड़े बुनना
Sat, 02 Mar 2019 01:46 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Sat, 02 Mar 2019 01:46 AM IST
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खादी
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वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ खादी के कपड़ों को अपना नया ब्रांड बनाने की तैयारी में है। आगामी सत्र से विश्वविद्यालय की ओर से खादी के वस्त्रों के उत्पादन की कार्ययोजना तैयार की गई है।
विश्वविद्यालय खादी के वस्त्रों का उत्पादन और विपणन भी करेगा। विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रम टेक्सटाइल इंजीनियरिंग को और बेहतर बनाने के लिए यह कवायद की जा रही है। इसमें छात्र-छात्राओं को बुनाई के प्रशिक्षण के साथ ही उत्पादन की भी तकनीक सिखाई जाएगी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग विभाग को खादी वस्त्रों के उत्पादन के लिए तैयार किया जाएगा। काशी के जीआई प्रोडक्ट बनाने वाले विशेषज्ञों से भी इसमें मदद ली जाएगी। बुनकरी के प्रशिक्षण के लिए काशी के बुनकर भी छात्रों को समय-समय पर तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
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कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि महात्मा गांधी की कर्मस्थली रहे विश्वविद्यालय में उनके विचारों को बढ़ावा देने का एक छोटा सा प्रयास किया जा रहा है। खादी को छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाने और इसे विश्वविद्यालय का एक अलग ब्रांड बनाने के लिए यह पहल की जा रही है।
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विश्वविद्यालय खादी के वस्त्रों का उत्पादन और विपणन भी करेगा। विश्वविद्यालय में चल रहे पाठ्यक्रम टेक्सटाइल इंजीनियरिंग को और बेहतर बनाने के लिए यह कवायद की जा रही है। इसमें छात्र-छात्राओं को बुनाई के प्रशिक्षण के साथ ही उत्पादन की भी तकनीक सिखाई जाएगी।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के टेक्सटाइल इंजीनियरिंग विभाग को खादी वस्त्रों के उत्पादन के लिए तैयार किया जाएगा। काशी के जीआई प्रोडक्ट बनाने वाले विशेषज्ञों से भी इसमें मदद ली जाएगी। बुनकरी के प्रशिक्षण के लिए काशी के बुनकर भी छात्रों को समय-समय पर तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
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कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि महात्मा गांधी की कर्मस्थली रहे विश्वविद्यालय में उनके विचारों को बढ़ावा देने का एक छोटा सा प्रयास किया जा रहा है। खादी को छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाने और इसे विश्वविद्यालय का एक अलग ब्रांड बनाने के लिए यह पहल की जा रही है।