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आंदोलन के मूड में हैं सरकारी चिकित्सक
Updated Tue, 18 Sep 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी। प्रमोशन, वेतन विसंगति सहित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर आंदोलन के मूड में हैं। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की ओर से इसके लिए आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इसके पीछे मांगों को लेकर प्रशासनिक असंवेदनशीलता को मुख्य वजह बताई जा रही है।
कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय राय और शाखा सचिव डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि लंबे समय से प्रमोशन नहीं हो रहे हैं जबकि इसके लिए बहुत से चिकित्सक पात्र भी है। शासनादेशों के बाद भी प्रमोशन न होने से चिकित्सकों में नाराजगी है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के तहत एक जनवरी 2016 से मूल वेतन का 35 प्रतिशत प्रैक्टिस बंदी वेतन न मिलने, विशेषज्ञों को उनकी योग्यता के हिसाब से वेतन न मिलने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर कोई विचार न करने, संविदा कर्मियों का वेतन निर्धारण न करने सहित कई मांगें हैं, जिस पर कोई विचार नहीं हो रहा है। संघ के दोनों पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही संघ की मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को बाध्य होंगे।
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कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. संजय राय और शाखा सचिव डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि लंबे समय से प्रमोशन नहीं हो रहे हैं जबकि इसके लिए बहुत से चिकित्सक पात्र भी है। शासनादेशों के बाद भी प्रमोशन न होने से चिकित्सकों में नाराजगी है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के तहत एक जनवरी 2016 से मूल वेतन का 35 प्रतिशत प्रैक्टिस बंदी वेतन न मिलने, विशेषज्ञों को उनकी योग्यता के हिसाब से वेतन न मिलने, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर कोई विचार न करने, संविदा कर्मियों का वेतन निर्धारण न करने सहित कई मांगें हैं, जिस पर कोई विचार नहीं हो रहा है। संघ के दोनों पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही संघ की मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को बाध्य होंगे।
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