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विश्व बाजार में चमकेगा काशी का कला-शिल्प 0
Updated Mon, 23 Apr 2018 02:04 AM IST
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वाराणसी। विश्व बाजार में काशी के कला-शिल्प की चमक बढ़ने वाली है। दीनदयाल हस्तकला संकुल में यूपिया (पूर्वांचल निर्यातक संघ) के बॉयर-सेलर मीट ‘हिंद टेक्स’ में आए विभिन्न देशों के राजदूतों और राजनयिकों ने यहां के हस्तशिल्प के विश्व बाजार में प्रमोशन के लिए न सिर्फ अपने विचार साझा किए बल्कि अपने-अपने देशों में खास तौर से बायर-सेलर मीट का आयोजन करने और बाजार उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। कहा, काशी के शिल्प उत्पादों के व्यापार की असीम संभावनाएं हैं। एक सप्लाई चेन बनाकर उससे लघु-मध्यम वर्ग के बुनकरों को जोड़ने और उपयुक्त बाजार उपलब्ध कराने पर उन्होंने बल दिया।
रविवार की दोपहर हुए ‘टॉक शो’ में यहां आए राजदूत और राजनयिक मीडिया से रूबरू हुए। थाईलैंड के राजदूत शुतिनर्थोन खोंगसक ने कहा कि यहां के वस्त्र बेहद खूबसूरत हैं। बुनकराें की मेहनत का बेजोड़ नमूना हैं। टोगो के राजदूत फौरे एसोजिमा ग्नासिंगे ने कहा कि वह अपने देश में यहां के हस्तशिल्प के प्रमोशन के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे। वियतनाम के राजदूत तॉन सिन्ह थान्ह ने कहा किवियतनाम से यहां हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। काशी के हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने की जरूरत है।
वेनेज़ुएला के नेजमेडिन लाखाल ने कहा कि उनके देश में स्पोर्ट्स से जुड़े वस्त्र की मांग अधिक है और काशी के फैब्रिक्स बहुत अच्छे हैं। हमारे देश की जरूरत पूरी हो सके और काशी के बुनकरों को नया बाजार मिल सके, इसके लिए वह प्रयास करेंगे। मेडागास्कर की राजदूत राजनाद्रासोव मारिए ने कहा कि बायर-सेलर मीट के माध्यम से वह काशी और भारत के अन्य जगहों के हस्तशिल्प उत्पादों को अपने देश में बढ़ावा देने का प्रयास करेंगी। ईरान के इकॉनॉमिक काउंसलर असगर ओमीदी ने कहा कि उनके यहां ट्रेडिशनल कॉलीन तैयार होती है। वहीं भदोही के कॉलीन भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान रखते हैं। एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से एक-दूसरे को मजबूत करने की योजना पर काम करेंगे। मॉरीशस के हाई कमिश्नर एमजे गोवर्धन ने यूपिया के माध्यम से काशी के हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन के लिए निर्यातकों को आमंत्रित किया। बताया कि 30 जुलाई को दिल्ली में बायर-सेलर्स मीट का आयोजन होगा। इसमें मॉरीशस के खानपान से लेकर पहनावे से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इस दौरान यूपिया के अध्यक्ष डॉ. दीप शंकर व्यास, सचिव विवेक बरनवाल, कोषाध्यक्ष जुनैद अंसारी, हिंदटेक्स के वाइस चेयरमैन अमिताभ, नवीन कपूर, राजीव अग्रवाल, आशुतोष कुमार, वरिष्ठ सदस्य हाजी रईस अहमद आदि ने वाराणसी के फैब्रिक और विशिष्ट हस्तकला उत्पादों के बारे में जानकारियां दीं। इससे पहले राजदूतों, राजनयिकों ने नौका विहार, गंगा आरती के बाद भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली का भ्रमण किया। पिछले दो दिन में हिंदटेक्स के सभी स्टाल्स पर लगभग दस करोड़ रुपये के आर्डर की बुकिंग हुई है। सोमवार को यहां हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी आम जनता के लिए खुली रहेगी।
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रविवार की दोपहर हुए ‘टॉक शो’ में यहां आए राजदूत और राजनयिक मीडिया से रूबरू हुए। थाईलैंड के राजदूत शुतिनर्थोन खोंगसक ने कहा कि यहां के वस्त्र बेहद खूबसूरत हैं। बुनकराें की मेहनत का बेजोड़ नमूना हैं। टोगो के राजदूत फौरे एसोजिमा ग्नासिंगे ने कहा कि वह अपने देश में यहां के हस्तशिल्प के प्रमोशन के लिए उपयुक्त वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे। वियतनाम के राजदूत तॉन सिन्ह थान्ह ने कहा किवियतनाम से यहां हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। काशी के हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने की जरूरत है।
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वेनेज़ुएला के नेजमेडिन लाखाल ने कहा कि उनके देश में स्पोर्ट्स से जुड़े वस्त्र की मांग अधिक है और काशी के फैब्रिक्स बहुत अच्छे हैं। हमारे देश की जरूरत पूरी हो सके और काशी के बुनकरों को नया बाजार मिल सके, इसके लिए वह प्रयास करेंगे। मेडागास्कर की राजदूत राजनाद्रासोव मारिए ने कहा कि बायर-सेलर मीट के माध्यम से वह काशी और भारत के अन्य जगहों के हस्तशिल्प उत्पादों को अपने देश में बढ़ावा देने का प्रयास करेंगी। ईरान के इकॉनॉमिक काउंसलर असगर ओमीदी ने कहा कि उनके यहां ट्रेडिशनल कॉलीन तैयार होती है। वहीं भदोही के कॉलीन भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान रखते हैं। एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से एक-दूसरे को मजबूत करने की योजना पर काम करेंगे। मॉरीशस के हाई कमिश्नर एमजे गोवर्धन ने यूपिया के माध्यम से काशी के हस्तशिल्प उत्पादों के प्रदर्शन के लिए निर्यातकों को आमंत्रित किया। बताया कि 30 जुलाई को दिल्ली में बायर-सेलर्स मीट का आयोजन होगा। इसमें मॉरीशस के खानपान से लेकर पहनावे से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इस दौरान यूपिया के अध्यक्ष डॉ. दीप शंकर व्यास, सचिव विवेक बरनवाल, कोषाध्यक्ष जुनैद अंसारी, हिंदटेक्स के वाइस चेयरमैन अमिताभ, नवीन कपूर, राजीव अग्रवाल, आशुतोष कुमार, वरिष्ठ सदस्य हाजी रईस अहमद आदि ने वाराणसी के फैब्रिक और विशिष्ट हस्तकला उत्पादों के बारे में जानकारियां दीं। इससे पहले राजदूतों, राजनयिकों ने नौका विहार, गंगा आरती के बाद भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली का भ्रमण किया। पिछले दो दिन में हिंदटेक्स के सभी स्टाल्स पर लगभग दस करोड़ रुपये के आर्डर की बुकिंग हुई है। सोमवार को यहां हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी आम जनता के लिए खुली रहेगी।
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