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अपग्रेड होंगे अस्पताल, पीपीपी मॉडल पर जांच

Mon, 29 Jan 2018 01:52 AM IST
Updated Mon, 29 Jan 2018 01:52 AM IST
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अपग्रेड होंगे अस्पताल, पीपीपी मॉडल पर जांच
वाराणसी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने जिले के रामनगर, मंडलीय अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा कर मरीजों की सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को साफ-सफाई, दवा वितरण, जांच आदि पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों को अपग्रेड किए जाने की कवायद चल रही है। इसके तहत यहां जांच, चिकित्सकों की कमी पूरा किए जाने सहित अन्य सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। डायलिसिस यूनिट के साथ ही अल्ट्रासाउंड, एमआरआई आदि जांच भी पीपीपी मॉडल पर ही कराए जाएंगे।
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दो दिवसीय बनारस दौरे पर आए स्वास्थ्य मंत्री ने इससे पहले जयापुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र, रामनगर अस्पताल जाकर वहां भी सुविधाओं की जानकारी ली। शम 5 बजे मंडलीय अस्पताल पहुंचकर यहां कर्मचारियों के लिए 42 बेड के बनने वाले आवास, पैथालॉजी लैब में सुविधाएं बढ़ाने, बर्न वार्ड औरआपरेशन थिएटर को केंद्रीयकृत एयर कंडीशनर करवाने का निर्देश दिया। इसके अलावा प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव से पुराने वार्ड नंबर चार के पास पर्चा काउंटर, दवा वितरण कक्ष बनवाने, बेकार पड़े एंबुलेंस को हटवाने आदि का निर्देश दिया।
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उधर पत्रकारों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा और दीनदयाल अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। विश्व बैंक के माध्यम से कायाकल्प किया जा रहा है, काम अब शुरू होने वाला है। जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द ही दूर कराया जा रहा है, जिससे कि मरीजों को परेशानी न हो। कहा कि पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस यूनिट के साथ ही अल्ट्रासाउंड, एमआरआई भी शुरू करेंगे। प्रदेश सरकार ने अस्पतालों की सुविधाओं पर 38 करोड़ रुपये जारी दिया है। साथ ही 7500 डॉक्टरों की कमी में 5500 डॉक्टर आ गए हैं, इनकी तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। एक सवाल के जवाब में कहा कि निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सकों की खैर नहीं है। न केवल उनका लाइसेंस बल्कि जिस नर्सिगिं होम में वह प्रैक्टिस कर रहे हैं, उसका लाइसेंस भी रद किया जाएगा। यहीं नहीं निजी प्रैक्टिस से उनकी आय भी बढ़ेगी, इसके लिए आयकर विभाग की मदद से उन पर कार्रवाई कराई जाएगी, ऐसे सात चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। बताया कि क्लिनकल स्टैब्लिसमेंट एक्ट पर पुर्नविचार चल रहा है। इस दौरान कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
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