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विधान परिषद की समिति करेगी रिपोर्ट का परीक्षण
Updated Thu, 24 Aug 2017 02:47 AM IST
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वाराणसी। जिला प्रशासन ने बनारस क्लब के जमीन से जुड़े पुराने दस्तावेजों को सही मानते हुए भले ही क्लीन चिट दे दी है लेकिन इन कागजातों का वास्तविक परीक्षण विधान परिषद की कमेटी करेगी। जिला प्रशासन इस बारे में की गई जांच की रिपोर्ट विधान परिषद को भेजेगा। विधान परिषद में रिपोर्ट कब भेजी जाएगी, अभी तय नहीं है। इस मामले को सपा के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने सदन में उठाया था। उनका कहना है कि 31 अगस्त या फिर सितंबर में समिति क्लब के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाएगी। रिपोर्ट देखने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
दरअसल, बनारस क्लब के जमीन से जुड़े जो कागजात वर्षों से गुम थे, वह अचानक क्लब के पुराने संदूक से मिल गए हैं। आखिर ये कागजात अचानक कहां से आ गए, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में जो भी पक्षकार हैं, उन्हें इस मामले में फर्जीवाड़े की आशंका है लेकिन वह इस बारे में खुलकर तभी कुछ कहेंगे, जब ये दस्तावेज सार्वजनिक हो जाएंगे।
इससे पहले क्लब की जमीन से जुड़े कागजातों की जांच के लिए डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। उस समय लिए गए बयान में बताया गया कि क्लब ने 27 जून, 1935 को वाराणसी के तत्कालीन कलेक्टर से दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई थी और इसी दिन 1.33 एकड़ जमीन का पट्टा कराया गया है। पट्टा संबंधी कागजात के मूल रिकार्ड जो अब तक गायब थे, क्लब की ओर से पिछले महीने उपाध्याय को सौंप दिए गए। सभी कागजात मूल थे और निबंधन कार्यालय ने उनके सही होने की पुष्टि की थी।
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दरअसल, बनारस क्लब के जमीन से जुड़े जो कागजात वर्षों से गुम थे, वह अचानक क्लब के पुराने संदूक से मिल गए हैं। आखिर ये कागजात अचानक कहां से आ गए, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में जो भी पक्षकार हैं, उन्हें इस मामले में फर्जीवाड़े की आशंका है लेकिन वह इस बारे में खुलकर तभी कुछ कहेंगे, जब ये दस्तावेज सार्वजनिक हो जाएंगे।
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इससे पहले क्लब की जमीन से जुड़े कागजातों की जांच के लिए डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। उस समय लिए गए बयान में बताया गया कि क्लब ने 27 जून, 1935 को वाराणसी के तत्कालीन कलेक्टर से दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई थी और इसी दिन 1.33 एकड़ जमीन का पट्टा कराया गया है। पट्टा संबंधी कागजात के मूल रिकार्ड जो अब तक गायब थे, क्लब की ओर से पिछले महीने उपाध्याय को सौंप दिए गए। सभी कागजात मूल थे और निबंधन कार्यालय ने उनके सही होने की पुष्टि की थी।
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