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अनुप्रिया ने राबर्ट्सगंज के लिए लगाया जोर
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वाराणसी। मिर्जापुर से केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की उम्मीदवारी तय होने के बाद अपना दल (एस) ने दूसरी सीट के तौर पर राबर्ट्सगंज हासिल करने के लिए जोर लगा दिया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा उन्हें पूर्वांचल में ही दूसरी सीट देना चाहती है लेकिन राबर्ट्सगंज ही मिलेगी, तय नहीं है। भाजपा उन्हें फतेहपुर या कानपुर में एक सीट देने का विचार कर रही है। पटेल बहुल फूलपुर सीट के लिए भाजपा के साथ उनकी बात नहीं बन रही है। यहां से भाजपा अपना ही प्रत्याशी लड़ाएगी।
हालांकि अद (एस) के लिए जौनपुर सीट का भी विकल्प है लेकिन छवि को लेकर गंभीर पार्टी वहां से चर्चाओं के विपरीत पूर्व सांसद धनंजय सिंह को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में नहीं है। दरअसल, अनुप्रिया को मिर्जापुर की पड़ोसी सीट राबर्ट्सगंज पर दोहरा फायदा दिख रहा है। एक तो उनकी ओर से प्रत्याशी के रूप में सांसद रह चुके पकौड़ी लाल कोल का नाम तय है। राबर्ट्सगंज सीट पर कोल बिरादरी के 80-90 हजार मतदाता हैं। मिर्जापुर में कोल मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक है। मिर्जापुर के छानवे विधानसभा क्षेत्र से पकौड़ी लाल के पुत्र राहुल कोल अद (एस) से विधायक भी हैं। अनुप्रिया को लगता है कि पकौड़ी लाल को टिकट देने से पटेल, सवर्णों और अन्य पिछड़ी जातियों को मिलाकर मिर्जापुर सीट उनके लिए ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।
सपा-बसपा गठबंधन ने यहां से भाईलाल कोल को प्रत्याशी बनाया है। पकौड़ी लाल पूर्व में सपा से सांसद रह चुके हैं और उम्मीदवार बनने पर वह इसके मतदाताओं को भी सहेज सकते हैं। उनकी नजर राबटर्सगंज से मौजूदा सांसद छोटेलाल खरवार से भाजपा संगठन की नाराजगी का फायदा उठाने पर भी है। उन्हें लगता है कि वहां भाजपा के मतदाता पकौड़ी लाल के नाम पर उनके साथ आ जाएंगे। यही नहीं, उन्हें पकौड़ी लाल के लिए प्रचार करने में भी आसानी होगी। ऐसा होने पर वह भाजपा के लिए प्रचार भी ज्यादा कर सकेंगी। अनुप्रिया को भविष्य में इसका राजनीतिक फायदा भी मिलेगा।
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हालांकि अद (एस) के लिए जौनपुर सीट का भी विकल्प है लेकिन छवि को लेकर गंभीर पार्टी वहां से चर्चाओं के विपरीत पूर्व सांसद धनंजय सिंह को उम्मीदवार बनाने के पक्ष में नहीं है। दरअसल, अनुप्रिया को मिर्जापुर की पड़ोसी सीट राबर्ट्सगंज पर दोहरा फायदा दिख रहा है। एक तो उनकी ओर से प्रत्याशी के रूप में सांसद रह चुके पकौड़ी लाल कोल का नाम तय है। राबर्ट्सगंज सीट पर कोल बिरादरी के 80-90 हजार मतदाता हैं। मिर्जापुर में कोल मतदाताओं की संख्या एक लाख से अधिक है। मिर्जापुर के छानवे विधानसभा क्षेत्र से पकौड़ी लाल के पुत्र राहुल कोल अद (एस) से विधायक भी हैं। अनुप्रिया को लगता है कि पकौड़ी लाल को टिकट देने से पटेल, सवर्णों और अन्य पिछड़ी जातियों को मिलाकर मिर्जापुर सीट उनके लिए ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।
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सपा-बसपा गठबंधन ने यहां से भाईलाल कोल को प्रत्याशी बनाया है। पकौड़ी लाल पूर्व में सपा से सांसद रह चुके हैं और उम्मीदवार बनने पर वह इसके मतदाताओं को भी सहेज सकते हैं। उनकी नजर राबटर्सगंज से मौजूदा सांसद छोटेलाल खरवार से भाजपा संगठन की नाराजगी का फायदा उठाने पर भी है। उन्हें लगता है कि वहां भाजपा के मतदाता पकौड़ी लाल के नाम पर उनके साथ आ जाएंगे। यही नहीं, उन्हें पकौड़ी लाल के लिए प्रचार करने में भी आसानी होगी। ऐसा होने पर वह भाजपा के लिए प्रचार भी ज्यादा कर सकेंगी। अनुप्रिया को भविष्य में इसका राजनीतिक फायदा भी मिलेगा।
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