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हॉस्टल के लिए मेडिकल छात्रों का धरना
Updated Thu, 22 Feb 2018 03:00 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू में छात्रावास आवंटन में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मेडिकल छात्रों ने बुधवार को चिकित्सा विज्ञान संस्थान निदेशक कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान छात्रावास में सिंगल बेड वाला कमरा आवंटित करने की मांग पर छात्र अड़े रहे। सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर डेढ़बजे तक चला धरना अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ।
विश्वविद्यालय में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र प्रशासन द्वारा छात्रावास आवंटन की व्यवस्था से नाराज हैं। उनका आरोप है कि पहले से चली आ रही व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है। वह एक कमरे में दो छात्रों के रखने की बजाय एक कमरे में एक ही छात्र को आवंटित करने की मांग कर रहे थे। जब बात नहीं बनी तो बुधवार को धरने पर बैठना पड़ा। यहां निदेशक कार्यालय के मेन गेट पर 50 से अधिक छात्र सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बैठे रहे। एक घंटे बाद सवा बारह बजे पहले चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह आई, फिर डीन प्रो. डीपी ओझा ने छात्रों से बातचीत करने का प्रयास किया लेकिन वह जिद पर अड़े रहे। इसके बाद करीब एक बजे चीफ प्राक्टर के साथ डीन और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को जल्द से जल्द दूसरे छात्रावास में शिफ्ट करने की बात रखी तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
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विश्वविद्यालय में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र प्रशासन द्वारा छात्रावास आवंटन की व्यवस्था से नाराज हैं। उनका आरोप है कि पहले से चली आ रही व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है। वह एक कमरे में दो छात्रों के रखने की बजाय एक कमरे में एक ही छात्र को आवंटित करने की मांग कर रहे थे। जब बात नहीं बनी तो बुधवार को धरने पर बैठना पड़ा। यहां निदेशक कार्यालय के मेन गेट पर 50 से अधिक छात्र सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक बैठे रहे। एक घंटे बाद सवा बारह बजे पहले चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह आई, फिर डीन प्रो. डीपी ओझा ने छात्रों से बातचीत करने का प्रयास किया लेकिन वह जिद पर अड़े रहे। इसके बाद करीब एक बजे चीफ प्राक्टर के साथ डीन और अन्य अधिकारियों ने छात्रों को जल्द से जल्द दूसरे छात्रावास में शिफ्ट करने की बात रखी तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
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