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माइनर का पानी बस्ती में घुसा, हड़कंप
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:40 AM IST
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सेवापुरी (वाराणसी)। विकास खंड क्षेत्र के गोराई गांव में मंगलवार की सुबह टूटी माइनर बुधवार की शाम तक नहीं बंध पाई। इसके चलते माइनर का पानी बस्ती के साथ प्राथमिक विद्यालय व कब्रिस्तान तक पहुंच चुका है। नहर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। वहीं अधिशासी अभियंता ने बताया कि टूटी नहर को बांधने के लिए एसडीओ के नेतृत्व में टीम भेजी गई है। परंतु इंतजार में सुबह से शाम हो गई लेकिन टीम मौके पर नहीं पहुंची।
गोराई गांव में मंगलवार की सुबह जर्जर नहर में क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिए जाने के कारण माइनर टूट गई। जिससे किसानों के लगभग पचास बीघे फसल जलमग्न हो गई। प्रधान दिलीप मौर्या के शिकायत पर नहर विभाग के कर्मचारियों ने मंगलवार की दोपहर तटबंध को टीन के सहारे मिटटी डालकर बांधा गया लेकिन वह पानी के तेज बहाव के कारण माइनर फिर टूट गई। किसानों का आरोप है कि बार-बार माइनर में पानी बंद करने लिए अधिकारियों से कहा गया परंतु वह नहीं सुने। विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को पानी तब बंद किया जब किसानों की फसल डूब गई और पानी यादव बस्ती से होते हुए प्राथमिक विद्यालय के साथ कब्रिस्तान तक पहुंच गया। किसानों ने कहा है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन करेंगे। अधिशासी अभियंता के एन जायसवाल ने बताया कि नहर का पानी बंद कर दिया गया है। एसडीओ के नेतृत में माइनर को बाधने के लिए एक टीम भेजी गई है।
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गोराई गांव में मंगलवार की सुबह जर्जर नहर में क्षमता से अधिक पानी छोड़ दिए जाने के कारण माइनर टूट गई। जिससे किसानों के लगभग पचास बीघे फसल जलमग्न हो गई। प्रधान दिलीप मौर्या के शिकायत पर नहर विभाग के कर्मचारियों ने मंगलवार की दोपहर तटबंध को टीन के सहारे मिटटी डालकर बांधा गया लेकिन वह पानी के तेज बहाव के कारण माइनर फिर टूट गई। किसानों का आरोप है कि बार-बार माइनर में पानी बंद करने लिए अधिकारियों से कहा गया परंतु वह नहीं सुने। विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को पानी तब बंद किया जब किसानों की फसल डूब गई और पानी यादव बस्ती से होते हुए प्राथमिक विद्यालय के साथ कब्रिस्तान तक पहुंच गया। किसानों ने कहा है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो किसान आंदोलन करेंगे। अधिशासी अभियंता के एन जायसवाल ने बताया कि नहर का पानी बंद कर दिया गया है। एसडीओ के नेतृत में माइनर को बाधने के लिए एक टीम भेजी गई है।
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