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पुरानी करेंसी बदलने का लालच देकर ऐंठा जा रहा रुपया
Updated Thu, 25 Jan 2018 02:40 AM IST
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वाराणसी। पुरानी करेंसी बदलने का लालच देकर कोलकाता से नई दिल्ली तक एक खास गिरोह लोगों से सिर्फ रुपये ऐंठ रहा है। खास बात यह है कि इस गिरोह के लोग पुलिस की जद में नहीं आ पाते हैं और सिर्फ पुरानी करेंसी इकट्ठा करने वाले ही पकड़े जाते हैं। बीते दिनों कानपुर में बरामद 96 करोड़ की पुरानी करेंसी के साथ गिरफ्त में आए लोगों से यह बात सामने आई थी। वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि पुरानी करेंसी को नेपाल में आसानी से बदला जा सकता है लेकिन पुलिस ने इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि ऐसा संभव नहीं है।
लक्सा क्षेत्र से मंगलवार की रात 14 लाख की पुरानी करेंसी के साथ पुलिस ने लक्सा क्षेत्र रीतेश केशरी, राकेश थवानी और पंकज सरावगी को गिरफ्तार किया। तफ्तीश में जुटी पुलिस के अनुसार एक खास गिरोह अपने एजेंटों के माध्यम से बनारस, लखनऊ, कानपुर, पटना, कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में फोन के माध्यम से बिल्डरों और बड़े व्यापारियों से संपर्क करता है। एजेंट पहले कहते हैं कि कम से कम 10 लाख की पुरानी करेंसी उपलब्ध कराएं। सौ रुपये की पुरानी करेंसी के बदले एक रुपया दिया जाएगा। इसके बाद एजेंट कहते हैं कि 10 लाख नहीं और ज्यादा पुरानी करेंसी इकट्ठा करिये। फिर, गिरोह के एजेंट पुरानी करेंसी का वेरिफिकेशन करने आते हैं। वेरिफिकेशन के बहाने प्रति लाख पुरानी करेंसी के हिसाब से पांच से सात हजार रुपये फीस ली जाती है। इसके बाद एजेंट चले जाते हैं और पुरानी करेंसी धरी की धरी रह जाती है। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पुरानी करेंसी बदलने का लालच देकर बड़े पैमाने पर लोगों को चूना लगाया जा रहा है। आमजन ऐसे झांसे से पूरी तरह दूर रहें और खुद के जेल जाने का रास्ता न तैयार करें।
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लक्सा क्षेत्र से मंगलवार की रात 14 लाख की पुरानी करेंसी के साथ पुलिस ने लक्सा क्षेत्र रीतेश केशरी, राकेश थवानी और पंकज सरावगी को गिरफ्तार किया। तफ्तीश में जुटी पुलिस के अनुसार एक खास गिरोह अपने एजेंटों के माध्यम से बनारस, लखनऊ, कानपुर, पटना, कोलकाता और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में फोन के माध्यम से बिल्डरों और बड़े व्यापारियों से संपर्क करता है। एजेंट पहले कहते हैं कि कम से कम 10 लाख की पुरानी करेंसी उपलब्ध कराएं। सौ रुपये की पुरानी करेंसी के बदले एक रुपया दिया जाएगा। इसके बाद एजेंट कहते हैं कि 10 लाख नहीं और ज्यादा पुरानी करेंसी इकट्ठा करिये। फिर, गिरोह के एजेंट पुरानी करेंसी का वेरिफिकेशन करने आते हैं। वेरिफिकेशन के बहाने प्रति लाख पुरानी करेंसी के हिसाब से पांच से सात हजार रुपये फीस ली जाती है। इसके बाद एजेंट चले जाते हैं और पुरानी करेंसी धरी की धरी रह जाती है। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पुरानी करेंसी बदलने का लालच देकर बड़े पैमाने पर लोगों को चूना लगाया जा रहा है। आमजन ऐसे झांसे से पूरी तरह दूर रहें और खुद के जेल जाने का रास्ता न तैयार करें।
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