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हरा धागा बांधने से भी पन्ना के समान ही मिलेगा लाभ
Updated Mon, 22 Jan 2018 02:28 AM IST
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वाराणसी। ज्योतिषियों का यह कर्तव्य है कि हम सभी आम जनमानस की निशुल्क सेवा करें। यदि कोई जातक दस हजार रुपये का पन्ना धारण नहीं कर सकता है तो वो दो रुपये का हरा धागा भी बांध ले तो उसे पन्ना रत्न के समान ही लाभ प्राप्त होगा। अगर गाय को बुधवार को हरी घास खिला दे तो भी लाभ होगा। उक्त बातें केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के ज्योतिष एवं कर्मकांड प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यासी प. प्रसाद दीक्षित ने कहीं।
वह सोमवार को केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में सोनारपुरा स्थित श्री चिंतामणि गणेश मंदिर में रविवार को ज्योतिष एवं कर्मकांड विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले ऋषि-महर्षियों ने ज्योतिष के विषय में जो परिकल्पना की थी कि किस ग्रह से मनुष्य को लाभ अथवा हानि होती है। उन ग्रहों का निदान रत्न अथवा पूजा-पाठ द्वारा किया जा सके। वर्तमान में उन्हीं महर्षियों के बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए और जनमानस को इसका लाभ पहुंचाना चाहिए। इस दौरान ज्योतिष संबंधी विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि नि:शुल्क ज्योतिष एवं कर्मकांड कार्यक्रम को आगे भी निरंतर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में ज्योतिष संबंधी कुंडली मिलान, ग्रहों की शांति के उपाय, ग्रहों से रोक के निदान, मांगलिक व कालसर्प दोष का उपाय तथा कर्मकांड विषय की संपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यशाला में विद्वानों ने ज्योतिष एवं कर्मकांड का गूढ़ ज्ञान दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने अपनी ज्योतिषी शंकाओं का समाधान भी कराया। बैठक में महासभा के अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा, महामंत्री महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री एवं गणेश शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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वह सोमवार को केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में सोनारपुरा स्थित श्री चिंतामणि गणेश मंदिर में रविवार को ज्योतिष एवं कर्मकांड विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले ऋषि-महर्षियों ने ज्योतिष के विषय में जो परिकल्पना की थी कि किस ग्रह से मनुष्य को लाभ अथवा हानि होती है। उन ग्रहों का निदान रत्न अथवा पूजा-पाठ द्वारा किया जा सके। वर्तमान में उन्हीं महर्षियों के बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए और जनमानस को इसका लाभ पहुंचाना चाहिए। इस दौरान ज्योतिष संबंधी विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि नि:शुल्क ज्योतिष एवं कर्मकांड कार्यक्रम को आगे भी निरंतर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में ज्योतिष संबंधी कुंडली मिलान, ग्रहों की शांति के उपाय, ग्रहों से रोक के निदान, मांगलिक व कालसर्प दोष का उपाय तथा कर्मकांड विषय की संपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यशाला में विद्वानों ने ज्योतिष एवं कर्मकांड का गूढ़ ज्ञान दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने अपनी ज्योतिषी शंकाओं का समाधान भी कराया। बैठक में महासभा के अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्रा, महामंत्री महंत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री एवं गणेश शास्त्री आदि मौजूद रहे।
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