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आज मां के दरबार में होगी धनवर्षा
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:57 AM IST
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वाराणसी। आज से पंच दीपोत्सव पर्व का शुभारंभ हो जाएगा। इस दीपोत्सव में पहले दिन धनतेरस पर जहां निरोगी काया के लिए आयुर्वेद के प्रवर्तक धभनवंतरी भगवान की पूजा की जाती है। वहीं लोग सोना चांदी बर्तन आदि की खरीदारी करना शुभ मानते हैं। इसको लेकर बाजार में सोमवार को खूब भीड़ भाड़ रहेगी। वहीं मां अन्नपूर्णा के दरबार में खजाना लुटाया जाएगा। इसको लेकर गोदौलिया से लेकर मंदिर तक जाने के लिए बल्लियां लगाकर तैयारियां कर ली गई हैं। रविवार की रात से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई। इसमें मां के सोने की प्रतिमा का दर्शन पूजन किया जाता है। यह प्रतिमा साल भर में एक बार धनतेरस पर खुलती है। वहीं दीपावली के दिन होने वाले गणेश लक्ष्मी के पूजन को लेकर प्रतिमा और मिट्टी के दीपक की खरीदारी भी शुभ माना गया है।
ये है मुहुर्त
धनतेरस पर धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा होती है। ज्योतिष साधना केन्द्र की ज्योतिषाचार्य डॉ. शलिनि कृष्ण खरे ने बताया कि इस धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त सायंकाल 6 बजकर 10 मिनट से लेकर रात आठ बजकर छह मिनट तक है। वहीं दूसरा मुहूर्त रात्रि 12.38 से लेकर 2.52 तक है। दोनों ही स्थित लग्न है इसलिए इस समय पूजा करना विशेष फलदायी होता है। घनतेरस पर कुबेर और लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना भी फलदायी माना गया है। इसे कम से कम 3 या फिर 7 माला जाप करना चाहिए।
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ये है मुहुर्त
धनतेरस पर धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा होती है। ज्योतिष साधना केन्द्र की ज्योतिषाचार्य डॉ. शलिनि कृष्ण खरे ने बताया कि इस धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त सायंकाल 6 बजकर 10 मिनट से लेकर रात आठ बजकर छह मिनट तक है। वहीं दूसरा मुहूर्त रात्रि 12.38 से लेकर 2.52 तक है। दोनों ही स्थित लग्न है इसलिए इस समय पूजा करना विशेष फलदायी होता है। घनतेरस पर कुबेर और लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करना भी फलदायी माना गया है। इसे कम से कम 3 या फिर 7 माला जाप करना चाहिए।
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