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गंगा में फिर बढ़ाव से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:44 AM IST
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सीतामढ़ी। सूबे में हो रही बारिस के पानी से गंगा के जल स्तर में मामूली बृद्धि शुरू है। जिले में रविवार को गंगा का जल स्तर 72.360 मीटर पर पहुंच गया। धीरे धीरे जल स्तर बढ़ने से कोनिया क्षेत्र में गंगा कटान की आशंका बढ़ने लगी है। हालांकि जल स्तर 3 घंटे में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की धीमी रफ्तार से बढ़ रहा है। पिछले कई दिनों से गंगा का जल स्तर लगभग स्थिर रहा। खास बात यह भी देखने को मिला कि गंगा का जल स्तर 72 मीटर के आस पास ही टिका रहा। आशंका व्यक्त की जा रही है कि अगर अन्य नदियों का पानी गंगा में छोड़ा गया तो जल स्तर में उफान आ सकता है। मामूली रूप से बढ़ रहे जल स्तर से पानी धीरे-धीरे घाटों की ओर बढ़ रहा है। उल्लेखनीय है कि तीन ओर गंगा से घिरे कोनिया क्षेत्र के छेछुआ और भुर्रा में बारिश के सीजन में गंगा के बाढ़ की स्थिति में कृषि योग्य उपजाऊ भूमि का कटान शुरू हो जाता है। गंगा का जल स्तर बढ़ते ही दोनों गावों के किसानों की बर्बादी भी शुरू हो जाती है। किसानों की उपजाऊ भूमि गंगा की धारा की भेंट चढ़ने लगती है लेकिन जिला प्रशासन और सरकार को किसानों की बर्बादी कि कोई चिंता नही है। इसी तरह इटहरा, डीघ और बनकट गांव की जमीनें भी आंशिक कटान की चपेट में है। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजू सिंह, छेछुआ के प्रधान जगदीश सिंह, इटहरा के कमला शंकर मिश्रा, कटरा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजकुमार शुक्ला आदि ने प्रदेश सरकार से क्षेत्र के गंगा कटान को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
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