{"_id":"5b5cd5284f1c1b51748b7997","slug":"101532810536-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्चक को पीटा, महिला श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्चक को पीटा, महिला श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन ही सुरक्षाकर्मियों ने अर्चक और श्रद्धालुओं से बदसलूकी की। मंगला आरती के बाद छत्ताद्वार पर लाइन में खड़ी महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षा में लगे कमांडो और पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने जहां महिलाओं के साथ बदसलूकी की वहीं उनको भगाने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। वहीं पीएसी के जवान ने विश्वनाथ मंदिर के अर्चक को भी पीट दिया। सावन के पहले दिन 40 हजार श्रद्धालुओं के आगे विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की व्यवस्था धराशाई हो गई।
शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्र मंदिर आने के लिए शनिदेव चैनल पॉइंट से आ रहे थे। उसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात पीएसी के जवान दिनेश यादव ने उन्हें जाने से रोका। उन्होंने परिचय पत्र दिखाते हुए जाने की बात कही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बात करते-करते सुरक्षाकर्मी उनसे दुर्व्यवहार करने लगा और उनकी पिटाई कर दी। दुर्व्यवहार से क्षुब्ध प्रधान अर्चक कार्रवाई की बात पर अड़ गए। मामला बढ़ता देख पीएसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जवान से माफी मंगवाते हुए मामला शांत कराया। इसके पूर्व विश्वनाथ मंदिर छत्ताद्वार पर लाइन से बाहर खड़ी महिलाओं को सुरक्षा में लगे कमांडो और पुलिसकर्मियों ने कई बार बेतरतीब तरीके से ढकेला। पूर्व में भगदड़ के दौरान हुए हादसों के बावजूद इस तरह की लापरवाही से बड़ी घटना घट सकती थी। बिना महिला पुलिसकर्मी के नियम को ताक पर रखते हुए सुरक्षा में लगे कमांडो और पुलिसकर्मियों ने ना सिर्फ महिलाओं को ढकेला बल्कि उनका हाथ पकड़-पकड़ के लाइन से बाहर निकला और दूर तक दौड़ाया।
विज्ञापन
शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्र मंदिर आने के लिए शनिदेव चैनल पॉइंट से आ रहे थे। उसी दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात पीएसी के जवान दिनेश यादव ने उन्हें जाने से रोका। उन्होंने परिचय पत्र दिखाते हुए जाने की बात कही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बात करते-करते सुरक्षाकर्मी उनसे दुर्व्यवहार करने लगा और उनकी पिटाई कर दी। दुर्व्यवहार से क्षुब्ध प्रधान अर्चक कार्रवाई की बात पर अड़ गए। मामला बढ़ता देख पीएसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जवान से माफी मंगवाते हुए मामला शांत कराया। इसके पूर्व विश्वनाथ मंदिर छत्ताद्वार पर लाइन से बाहर खड़ी महिलाओं को सुरक्षा में लगे कमांडो और पुलिसकर्मियों ने कई बार बेतरतीब तरीके से ढकेला। पूर्व में भगदड़ के दौरान हुए हादसों के बावजूद इस तरह की लापरवाही से बड़ी घटना घट सकती थी। बिना महिला पुलिसकर्मी के नियम को ताक पर रखते हुए सुरक्षा में लगे कमांडो और पुलिसकर्मियों ने ना सिर्फ महिलाओं को ढकेला बल्कि उनका हाथ पकड़-पकड़ के लाइन से बाहर निकला और दूर तक दौड़ाया।
विज्ञापन