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श्रीकृष्ण ने गोपियों संग की रासलीला
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:52 AM IST
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घोसिया। घोसिया में आयोजित श्रीकृष्ण रासलीला का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन श्रीकृष्ण संग गोपियों की ठिठोली की लीला की झांकी निकाली गई। गोकुल में कन्हैया की मनोविनोद से भरी लीला को देखकर लोग भाव विभोर हो गए। वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में जमा रहे।
औराई क्षेत्र के घोसिया में आयोजित आठ दिवसीय श्रीकृष्ण रासलीला के अंतिम दिन बुधवार को वृंदावन से आए स्वामी हरि बल्लभ शर्मा (छोटे ठाकुर महराज) और उनके साथियों ने कृष्ण की गोपियों के साथ रासलीला और ठिठोली की लीला की सुंदर झांकी प्रस्तुत की। यह देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। श्रीकृष्ण गोपियों से दही, माखन और दूध मांगते हुए कहते हैं कि जब तक मुझे दूध, दही और माखन नहीं दोगी, तब जाने नहीं दूंगा। दान के बाद ही आप अपने घरों को जा पाएंगी। इसके बाद गोपियों और बाल सखाओं के साथ नृत्य, लठ्ठमार होली, रंगभरी होली और फूल भरी होली खेली गई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कृष्णमय होकर अपने स्थान पर खड़े होकर फूलों की होली का आनंद लिया। अंत में राधा-कृष्ण की आरती और प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम के आयोजक अशोक कुमार बरनवाल ने आगंतुकों का आठ दिनों तक बड़ी संख्या मे कृष्णलीला में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर माता प्रसाद दूबे, दिलीप बरनवाल, सुरेंद्र बरनवाल, संतोष कोठारी, राजकुमार बरनवाल आदि मौजूद थे।
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औराई क्षेत्र के घोसिया में आयोजित आठ दिवसीय श्रीकृष्ण रासलीला के अंतिम दिन बुधवार को वृंदावन से आए स्वामी हरि बल्लभ शर्मा (छोटे ठाकुर महराज) और उनके साथियों ने कृष्ण की गोपियों के साथ रासलीला और ठिठोली की लीला की सुंदर झांकी प्रस्तुत की। यह देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। श्रीकृष्ण गोपियों से दही, माखन और दूध मांगते हुए कहते हैं कि जब तक मुझे दूध, दही और माखन नहीं दोगी, तब जाने नहीं दूंगा। दान के बाद ही आप अपने घरों को जा पाएंगी। इसके बाद गोपियों और बाल सखाओं के साथ नृत्य, लठ्ठमार होली, रंगभरी होली और फूल भरी होली खेली गई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कृष्णमय होकर अपने स्थान पर खड़े होकर फूलों की होली का आनंद लिया। अंत में राधा-कृष्ण की आरती और प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम के आयोजक अशोक कुमार बरनवाल ने आगंतुकों का आठ दिनों तक बड़ी संख्या मे कृष्णलीला में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर माता प्रसाद दूबे, दिलीप बरनवाल, सुरेंद्र बरनवाल, संतोष कोठारी, राजकुमार बरनवाल आदि मौजूद थे।
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