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सीएंडडीएस के निलंबित अफसरों से रिकवरी की तैयारी
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। सीएंडडीएस और ठेकेदारों की मिली भगत से अकथा और कोनिया में कराए गए विकास कार्य में फर्जी तरीके से 92 लाख रुपये के भुगतान का खुलासा वीडीओ से हुआ था। अब इसमें निलंबित अधिकारियों से रिकवरी करने की तैयारी है। सीएंडडीएस के सीजीएम एके पुरवार का कहना है कि रिवकरी धनराशि से बाकी काम कराए जाएंगे। साथ ही ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी। भुगतान के समय इसका वीडीओ बना लेने के बाद मामला सामने आया था। बेसिक सर्विसेज एंड अर्बन पुअर प्रोजेक्ट के तहत नाली, इंटरलाकिंग आदि का काम कराया जा रहा था। तभी मामला सामने आ गया। शासन ने सीजीएम एके पुरवार से टीएसी जांच कराई तो ग्रड़बड़ी सामने आ गई और तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। सीएंडडीएस की जौनपुर इकाई ने मेसर्स आदित्य कंस्ट्रक्शन कम्पनी को काम कराने की जिम्मेदारी थी।
कोनिया में 14.94 करोड़ की लागत से पेयजल पाइप लाइन, जल निकासी, सड़क, लाइट कार्य कराए जाने थे। 2015 में काम पूरा होना था लेकिन समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण इसका समय दिसंबर 2017 कर दिया गया। जांच के बाद जौनपुर ईकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर, लेखाकार व जेई के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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कोनिया में 14.94 करोड़ की लागत से पेयजल पाइप लाइन, जल निकासी, सड़क, लाइट कार्य कराए जाने थे। 2015 में काम पूरा होना था लेकिन समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण इसका समय दिसंबर 2017 कर दिया गया। जांच के बाद जौनपुर ईकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर, लेखाकार व जेई के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
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