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भाजपा ने अपनाया ‘सबका साथ सबका विकास’ का फार्मूला
Updated Mon, 06 Nov 2017 02:46 AM IST
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वाराणसी। भाजपा ने निकाय चुनाव में ‘सबका साथ सबका विकास’ के नारे को ध्यान में रखते हुए पार्षद और सभासद प्रत्याशियों की सूची जारी की है। कहीं विधायकों के चहेतों को टिकट दिया गया तो कहीं विधायकों की नापसंद को भी प्रत्याशी बना दिया गया। सूत्रों का कहना है कि पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के नाते रणनीति के तहत ‘सबका’ ख्याल रखते हुए सूची जारी की गई है।
पांडेयपुर से अशोक मौर्य, डिठोरी महाल से प्रतीक श्रीवास्तव, खोजवा से अशोक सेठ, लक्सा से ओम प्रकाश चौरसिया सहित 11 मौजूदा पार्षदों के टिकट काटे गए हैं। अब सूची जारी होने के बाद वार्डों में घमासान तेज हो गया है। टिकट पाने वाले वरिष्ठ पदाधिकारियों के यहां मिठाइयां पहुंचा रहे हैं तो टिकट कटने से नाराज दावेदार विरोध और निर्दल चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को टिकट दिया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो टिकट वितरण में उत्तरी और कैंट में विधायकों की पैरवी पूरी तरह काम नहीं आई जबकि दक्षिणी में विधायक की खूब चली है।
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पांडेयपुर से अशोक मौर्य, डिठोरी महाल से प्रतीक श्रीवास्तव, खोजवा से अशोक सेठ, लक्सा से ओम प्रकाश चौरसिया सहित 11 मौजूदा पार्षदों के टिकट काटे गए हैं। अब सूची जारी होने के बाद वार्डों में घमासान तेज हो गया है। टिकट पाने वाले वरिष्ठ पदाधिकारियों के यहां मिठाइयां पहुंचा रहे हैं तो टिकट कटने से नाराज दावेदार विरोध और निर्दल चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। कुछ कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप है कि जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को टिकट दिया गया। पार्टी सूत्रों की मानें तो टिकट वितरण में उत्तरी और कैंट में विधायकों की पैरवी पूरी तरह काम नहीं आई जबकि दक्षिणी में विधायक की खूब चली है।
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