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दीपक सचिव और जयदीप कोषाध्यक्ष निर्वाचित
Updated Mon, 30 Oct 2017 02:26 AM IST
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वाराणसी। बनारस क्लब की प्रबंध समिति पर निवर्तमान सचिव जयदीप सिंह के पैनल ने फिर कब्जा कर लिया। रविवार को समिति के सात सदस्यों के लिए हुए मतदान के बाद घोषित नतीजों में पांच सदस्य जयदीप सिंह के पैनल से चुने गए हैं, जबकि राकेश वशिष्ठ पैनल के दो सदस्य विजेता रहे हैं। निर्वाचित सदस्यों की सहमति से क्लब के अध्यक्ष कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और उपाध्यक्ष डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने दीपक माहेश्वरी को सचिव और जयदीप सिंह को कोषाध्यक्ष घोषित कर दिया है।
सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक चार बूथों पर वीडियो कैमरे के सामने मतदान हुआ। 1424 सदस्यीय क्लब के चुनाव में 690 सदस्यों ने ही मतदान में भाग लिया। 2016 में क्लब के सचिव, कोषाध्यक्ष सहित सात सदस्यीय कार्यकारिणी निर्विरोध चुनी गई थी। इससे पहले 2015 में हुए चुनाव में 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था।
शाम पांच बजे से मतों की गिनती का काम शुरू हुआ। रात आठ बजे परिणाम की घोषणा की गई। जयदीप सिंह पैनल के नवीन कपूर को सर्वाधिक 487, जयदीप सिंह 480, दीपक माहेश्वरी 403, उदयराज राजगढ़िया 364 और अनिल सिंह को 300 वोट मिले और इन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। इसी पैनल में शामिल डॉ. संजय राय और प्रदीप चौरसिया को हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर राकेश वशिष्ठ के पैनल में उनके खुद के अलावा नीरज अग्रवाल ही जीत सके। उनके पैनल के पांच सदस्य हार गए। वशिष्ठ को 333 और नीरज अग्रवाल को 309 वोट मिले।
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चुुने हुए सात सदस्यों ने दो वरिष्ठ सदस्यों कुमार अग्रवाल और विश्वनाथ शाह और दो विशेष आमंत्रित महिला सदस्य जूहू कोठारी और अलका माथुर का चयन किया गया। कुल ग्यारह सदस्यों की सहमति से सचिव और कोषाध्यक्ष चुने गए।
ये जीते
नवीन कपूर-487
जयदीप सिंह-480
दीपक कुमार माहेश्वरी-403
उदयराज गढ़िया-364
राकेश वशिष्ठ-333
नीरज अग्रवाल-309
अनिल कुमार सिंह-300
ये हारे
आलोक पांड्या-284
डॉ. संजय कुमार राय-284
प्रफुल सोमानी-277
प्रदीप कुमार चौरसिया-268
देव प्रमोद अग्रवाल-259
समन्वय शुक्ला-254
पुनीत जायसवाल-218
ये था जयदीप सिंह का पैनल
जयदीप सिंह, नवीन कपूर, दीपक कुमार माहेश्वरी, उदयराज गढ़िया, अनिल कुमार सिंह, डॉ. संजय कुमार राय, प्रदीप चौरसिया।
ये था राकेश वशिष्ठ का पैनल
राकेश वशिष्ठ, नीरज अग्रवाल, आलोक पांड्य, प्रफुल सोमानी, देव प्रमोद अग्रवाल, समन्वय शुक्ला, पुनीत जायसवाल।
चार दिन पहले दी गई थी चुनाव की जानकारी
वाराणसी। कमिश्नर जिस क्लब के अध्यक्ष और जिलाधिकारी उपाध्यक्ष हैं, वहां के चुनाव में मतदान का प्रतिशत महज 48.45 रहा। रविवार को बनारस क्लब का यह मतदान प्रतिशत यहां के सदस्यों को भी नहीं पचा। मतदान करने पहुंचे कई सदस्य इस बात से गुस्से में थे कि चुनाव आनन-फानन में करा कर औपचारिकता पूरी की गई है। आने वाले दिनों में ये जल्दबाजी क्लब की प्रतिष्ठा को ही कम नहीं करेगी, पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाने के कारण भी बनेगी।
ज्यादातर का कहना था कि गुपचुप तरीके से चार दिन पहले कुछ सदस्यों को चुनाव की जानकारी दी गई, बाकी तो इस सूचना से भी वंचित रहे। चुनाव की सूचना क्लब के नोटिस बोर्ड पर भी नहीं चस्पा की गई। कई सदस्यों को एजेंडा ही नहीं भेजा गया। शनिवार तक कई सदस्यों का एजेंडा नहीं मिला था। इस वजह से ज्यादातर सदस्य मतदान करने नहीं आए। यदि समय से सभी सदस्यों को सूचित किया गया होता तो और ज्यादा सदस्य मतदान करने आते। सदस्यों के इन आरोपों का जवाब देने से सचिव सहित अन्य पदाधिकारी कतराते दिखे।
नियमानुसार मतदान के 15 दिन पूर्व सदस्यों को लिखित रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। यदि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत करेगा तो उसका संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र पांडेय, एडीएम सिटी और चुनाव अधिकारी
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सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक चार बूथों पर वीडियो कैमरे के सामने मतदान हुआ। 1424 सदस्यीय क्लब के चुनाव में 690 सदस्यों ने ही मतदान में भाग लिया। 2016 में क्लब के सचिव, कोषाध्यक्ष सहित सात सदस्यीय कार्यकारिणी निर्विरोध चुनी गई थी। इससे पहले 2015 में हुए चुनाव में 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था।
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शाम पांच बजे से मतों की गिनती का काम शुरू हुआ। रात आठ बजे परिणाम की घोषणा की गई। जयदीप सिंह पैनल के नवीन कपूर को सर्वाधिक 487, जयदीप सिंह 480, दीपक माहेश्वरी 403, उदयराज राजगढ़िया 364 और अनिल सिंह को 300 वोट मिले और इन्हें विजेता घोषित कर दिया गया। इसी पैनल में शामिल डॉ. संजय राय और प्रदीप चौरसिया को हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर राकेश वशिष्ठ के पैनल में उनके खुद के अलावा नीरज अग्रवाल ही जीत सके। उनके पैनल के पांच सदस्य हार गए। वशिष्ठ को 333 और नीरज अग्रवाल को 309 वोट मिले।
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चुुने हुए सात सदस्यों ने दो वरिष्ठ सदस्यों कुमार अग्रवाल और विश्वनाथ शाह और दो विशेष आमंत्रित महिला सदस्य जूहू कोठारी और अलका माथुर का चयन किया गया। कुल ग्यारह सदस्यों की सहमति से सचिव और कोषाध्यक्ष चुने गए।
ये जीते
नवीन कपूर-487
जयदीप सिंह-480
दीपक कुमार माहेश्वरी-403
उदयराज गढ़िया-364
राकेश वशिष्ठ-333
नीरज अग्रवाल-309
अनिल कुमार सिंह-300
ये हारे
आलोक पांड्या-284
डॉ. संजय कुमार राय-284
प्रफुल सोमानी-277
प्रदीप कुमार चौरसिया-268
देव प्रमोद अग्रवाल-259
समन्वय शुक्ला-254
पुनीत जायसवाल-218
ये था जयदीप सिंह का पैनल
जयदीप सिंह, नवीन कपूर, दीपक कुमार माहेश्वरी, उदयराज गढ़िया, अनिल कुमार सिंह, डॉ. संजय कुमार राय, प्रदीप चौरसिया।
ये था राकेश वशिष्ठ का पैनल
राकेश वशिष्ठ, नीरज अग्रवाल, आलोक पांड्य, प्रफुल सोमानी, देव प्रमोद अग्रवाल, समन्वय शुक्ला, पुनीत जायसवाल।
चार दिन पहले दी गई थी चुनाव की जानकारी
वाराणसी। कमिश्नर जिस क्लब के अध्यक्ष और जिलाधिकारी उपाध्यक्ष हैं, वहां के चुनाव में मतदान का प्रतिशत महज 48.45 रहा। रविवार को बनारस क्लब का यह मतदान प्रतिशत यहां के सदस्यों को भी नहीं पचा। मतदान करने पहुंचे कई सदस्य इस बात से गुस्से में थे कि चुनाव आनन-फानन में करा कर औपचारिकता पूरी की गई है। आने वाले दिनों में ये जल्दबाजी क्लब की प्रतिष्ठा को ही कम नहीं करेगी, पदाधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाने के कारण भी बनेगी।
ज्यादातर का कहना था कि गुपचुप तरीके से चार दिन पहले कुछ सदस्यों को चुनाव की जानकारी दी गई, बाकी तो इस सूचना से भी वंचित रहे। चुनाव की सूचना क्लब के नोटिस बोर्ड पर भी नहीं चस्पा की गई। कई सदस्यों को एजेंडा ही नहीं भेजा गया। शनिवार तक कई सदस्यों का एजेंडा नहीं मिला था। इस वजह से ज्यादातर सदस्य मतदान करने नहीं आए। यदि समय से सभी सदस्यों को सूचित किया गया होता तो और ज्यादा सदस्य मतदान करने आते। सदस्यों के इन आरोपों का जवाब देने से सचिव सहित अन्य पदाधिकारी कतराते दिखे।
नियमानुसार मतदान के 15 दिन पूर्व सदस्यों को लिखित रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। यदि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत करेगा तो उसका संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र पांडेय, एडीएम सिटी और चुनाव अधिकारी