फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   बाजार में बढ़ी गहनों की चमक

बाजार में बढ़ी गहनों की चमक

Sat, 14 Oct 2017 02:03 AM IST
Updated Sat, 14 Oct 2017 02:03 AM IST
विज्ञापन
बाजार में बढ़ी गहनों की चमक
वाराणसी। धनतेरस और दीपावली का पर्व करीब आते ही सराफा बाजार चमक उठा है। ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। नवंबर से शुरू हो रहे शादियों के मौसम और खरीदारी के लिए पैन कार्ड देने की लिमिट बढ़ने के बाद आभूषण बाजार बूम कर गया है। हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार आभूषण, सोने-चांदी के सिक्का, बर्तन आदि खरीद रहा है। कई लोग एडवांस देकर अभी से धनतेरस की बुकिंग कर रहे हैं।सराफा बाजार में सिक्कों के अलावा 10 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक के चांदी के नोट भी हैं। सबसे अधिक मांग पांच, 10, 500 तथा 1000 रुपए के चांदी नोट की है। कारोबारियों की मानें तो गिफ्ट पैक देने का चलन बढ़ने से बाजार में चांदी के नोटों की डिमांड इस बार अधिक है। बावजूद इसके चांदी के गणेश-लक्ष्मी के अलावा बर्तनों की मांग कम नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि हर बार लोग चांदी के आइटम में कुछ नया खरीदने की चाहत रखते हैं। इसलिए चांदी के नोटों की डिमांड बढ़ी है। विक्टोरिया और जार्ज पंचम मार्क वाले चांदी के सिक्के भी खूब बिक रहे हैं।
विज्ञापन

बाजार में खनक रहे नकली विक्टोरिया सिक्के भी
सराफा कारोबारियों के मुताबिक आज भी विक्टोरिया और जार्ज पंचम मार्का चांदी के सिक्कों की मांग अधिक है। हालांकि बाजार में पुराने सिक्कों की तर्ज पर चांदी के गढ़े हुए नए सिक्के भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ऐसे सिक्कों में चांदी का टंच शून्य से लेकर 91.6 परसेंट तक है। सराफ शिवकुमार सेठ बताते हैं कि बाजार में 1939 तक के चांदी के पुराने सिक्के मिलते हैं। उसके बाद से इन सिक्कों की ढलाई बंद हो गई। इन सिक्कों में 91.6 प्रतिशत चांदी मिलेगी। हर साल लाखों सिक्के बिकते हैं। फिर भी संख्या कम नहीं हो रही, यह आश्चर्य की बात है। विक्टोरिया व जार्ज पंचम मार्का सिक्के अधिक दाम पर बिकते हैं। लक्ष्मी-गणेश वाले नए सिक्कों में चांदी की मात्रा और भी कम होती है। कहने को कारोबारी 85 फीसदी टंच की बात करते हैं लेकिन अधिकांश में चांदी 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होती चूंकि आस्था के चलते लोग बेचते नहीं है। लिहाजा लोग चांदी की मात्रा जान नहीं पाते। उनका कहना है कि सामान्यत: ग्राहक असली-नकली आइटमों में फर्क नहीं कर पाता।
विज्ञापन

नए सिक्कों को ऐसे बनाते हैं पुराना
- सिक्कों को राख और तेल के साथ मिलाकर कुछ दिन रख दिया जाता है ताकि वे पुराने दिखें।
- सिक्कों पर तूतिया आदि केमिकल छिड़क कर उन्हें जमीन में दबा दिया जाता है। एक साल बाद उन्हें निकाला जाता है। इसे ग्राहक पुराना ही समझता है।
- मोमबत्ती के लौ पर गरम कर नए सिक्कों की चमक गायब कर दी जाती है।
ऐसे करें पहचान
- चांदी के असली पुराने (विक्टोरिया या जार्ज पंचम) सिक्के 11.664 ग्राम के होते हैं। अगर ये घिसे हुए नजर आए तो अनुमान लगा लीजिए कि वजन में 100 से 200 मिलीग्राम तक की कमी हो सकती है। इससे कम होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

- पुराने सिक्के के किनारे एकदम बैठे हुए नजर आते हैं और उन पर बने घाटों में समरुपता रहती है। नए सिक्के के किनारे नुकीले होंगे और दो सिक्के एक साथ रख देने पर आपस में चिपकेंगे नहीं।
- असली व नकली सिक्कों की खनक में भी अंतर होता है। नकली सिक्कों में लोहे की खनखनाहट जैसी आवाज सुनाई देगी।
- असली पर अंकित मार्क्स देखने में उतने शार्प नहीं लगेंगे जितने की नए पर। कई हाथों में जाने के कारण ये कुछ घिसे सरीखे दिखेंगे।नजर आयेंगे। इसके विपरीत नये सिक्कों पर इनके उभार स्पष्ट होंगे।

कम बजट पर उपभोक्ताओं का फोकस
आभूषण बाजार में ‘सिंपल एंड शोवर’ का फार्मूला चल रहा है। उपभोक्ता भारी गहनो के बजाय हल्के और सस्ते आभूषण पंसद कर रहा है। सोने के चेन और हीरे की अंगूठी की खूब बिक्री हो रही है। सातों दिनी खुल रहे प्रतिष्ठानों में 17 अक्तूबर की बुकिंग जमकर हो रही है। 2012-13 में सोने के दाम प्रति 10 ग्राम 34 हजार से ज्यादा तथा चांदी प्रति किलो लगभग 70 हजार तक पहुंच गई थी। इसके बाद गिरावट तो आई पर इस बार खासा कमी आई है। 30,600 प्रति दस ग्राम सोना और 41100 प्रति किलो चांदी भी अच्छे व्यापार की एक वजह है। आभूषण कारोबारियों की मानें तो 50 हजार से शुरू होने वाली फैंसी चूड़ियां, 15 हजार से शुरू हो रही डिजाइनिंग चैन, कान की बालियां, अंगूठी, 2500 से शुरू हो रहे हीरों के आभूषण युवतियों को लुभा रहे तो वहीं युवाओं को चेन, ब्रेसलेट और रिंग भा रहे। पारंपरिक डिजाइन के गहनों की भी खरीदारी हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed