फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   मां के किराएदार ने की थी सीमा की हत्या

मां के किराएदार ने की थी सीमा की हत्या

Wed, 23 Aug 2017 01:43 AM IST
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:43 AM IST
विज्ञापन
मां के किराएदार ने की थी सीमा की हत्या
वाराणसी। लंका थाना के चितईपुर क्षेत्र के धर्मवीर नगर की एलआईसी एजेंट सीमा रानी (50) की हत्या उनकी मां राधा रानी के करीबी और किराएदार मनोज तिवारी उर्फ मनोज यादव (35) ने की थी। 11 माह बाद पुलिस ने मंगलवार को वारदात का खुलासा कर मनोज को जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार सीमा की 70 लाख की संपत्ति के लालच में उनकी हत्या की गई। मनोज सीमा हत्याकांड की पैरवी भी कर रहा था लेकिन इसी बीच उसने विवेचक को मामला जल्द से जल्द खत्म करने के लिए रिश्वत की पेशकश की। साथ ही, सीमा का मृत्यु प्रमाणपत्र पाने के प्रयास में जुटा तो उस पर शक गहराया।
विज्ञापन

एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने अपने कार्यालय में मनोज को मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा क्षेत्र के विनायका का रहने वाला मनोज शुकुलपुरा की गायत्री नगर कॉलोनी में राधा रानी का किरायेदार था। 17 अक्तूबर 2016 को सीमा रानी के घर में उनकी हत्या की सूचना पुलिस को मिली। लंका थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह तफ्तीश में जुटे तो पता लगा कि अकेली रहने वाली राधा की सेवा कर उनका करीबी होता चला गया। मनोज को यह भी पता था कि राधा की बेटी सीमा पति और बेटे की मौत के बाद अकेले रहती हैं और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उनके घर राधा के साथ आने-जाने लगा। राधा ने मनोज को कह रखा था कि वह उसे अपनी प्रापर्टी गिफ्ट कर देंगी और सीमा की संपत्ति की भी वही वारिस थीं। इसी लालच में मनोज अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर 17 अक्तूबर को सीमा के घर पहुंचा और मारपीट कर उनका गला दबा दिया।
विज्ञापन

घटना को लूटपाट का रूप देने के लिए मनोज ने घर का सामान बिखेर दिया था और सीमा के दोनों हाथ पीछे कर बांध दिया था। मामला दर्ज होने के बाद वह राधा के साथ पैरवी में जुटा हुआ था। बीते दो-तीन महीने से वह सीमा का मृत्यु प्रमाण प्राप्त कर उनकी संपत्ति राधा से अपने पक्ष में दान कराने के प्रयास में जुटा था मगर इससे पहले ही गिरफ्तार हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जाति बदला, पत्नी छोड़ गई और घर छोड़कर भागा
लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि मनोज की असलियत उसके गांव जाकर पता कराई गई तो सामने आया कि वह तिवारी नहीं यादव बिरादरी का है। शादी के कुछ ही दिन बाद मनोज की पत्नी उसे छोड़ कर चली गई थी। वहीं, करीब 12 वर्ष पहले पिता की मौत के बाद उसने पूरी संपत्ति बेचकर घर छोड़ दिया था। पुलिस उसके गांव पहुंची तो मनोज की मां और भाई ने बताया कि शायद उसकी मौत हो गई है। मनोज ने कहा कि उसे लगा कि लगभग 70 लाख की सीमा की संपत्ति आसानी से मिल जाएगी और राधा के मरने के बाद लगभग 80 लाख की संपत्ति भी उसके नाम हो जाएगी। इसीलिए उसने राधा के यहां किराये पर कमरा लिया और खुद को तिवारी बताया। कहा कि वह एक ट्रस्ट खोलकर आराम से रहना चाहता था और इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed