सोनभद्र: सीलिंग के दायरे में आई 1006 बीघा जमीन, उभ्भा कांड के बाद सीएम योगी ने दिए थे जांच के आदेश
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सोनभद्र जिले के उभ्भाकांड के बाद जिला प्रशासन ने सहकारी समितियों और काश्तकारों की खतौनियों की जांच कराकर कार्रवाई शुरू कर दी है। घोरावल एसडीएम की जांच में भैसवार गांव के कई काश्तकारों की करीब 1006 बीघा भूमि सीलिंग के दायरे में आ गई है। कई अन्य बड़े काश्तकारों को भी सीलिंग के दायरे में भूमि आने का भय सताने लगा है।
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को समिति की विवादित भूमि को लेकर दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिले की सभी समितियों और बड़े काश्तकारों की जमीनों की जांच कर अवैध ढंग से कब्जा की गई जमीन सरकारी खाते में दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद डीएम एस राजलिंगम ने एडीएम की अध्यक्षता में तीनों तहसीलों के एसडीएम को जमीनों की जांच कर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया है।
घोरावल एसडीएम प्रकाश चंद्र ने बताया कि जांच में पता चला कि भैसवार गांव के कई लोगों ने नियमों के खिलाफ जाकर जमीन अपने नाम दर्ज करा ली है। अभी तक की जांच में सात से अधिक काश्तकारों की लगभग 1006 बीघा जमीन सीलिंग के दायरे में आई गई है। क्षेत्र के अन्य गांवों के बड़े काश्तकारों की खतौनियों की जांच कराई जा रही है।
अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि घोरावल ब्लॉक के भैसवार गांव के कई किसानों की 1006 बीघा जमीन सीलिंग के दायरे में आ गई है। अवैध ढंग से कब्जा की गई जमीनों को मुक्त कराया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।