वाराणसी के रामनगर से कछुआ सेंचुरी शिफ्ट होगी भदोही, जल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा, गंगा को दूषित होने से बचाएंगे कछुआ और डॉल्फिन
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शासन की ओर से कछुआ सेंक्चुरी को लेकर जारी आदेश में बाद अब वाराणसी में रामनगर का कछुआ सेंक्चुरी भी भदोही में शिफ्ट होगा। इससे जल परिवहन को पहले की तुलना में अधिक बढ़ावा भी मिलेगा।
शासन ने भदोही जिले के कोनिया क्षेत्र के बारीपुर उपरवार से प्रयागराज के मेजा के मध्य स्थित 30 किमी गंगा तटीय परिक्षेत्र को कछुआ सेंक्चुरी घोषित कर दिया गया है। इसमें भदोही जिले का लगभग 10 किमी हिस्सा आएगा।
इस दायरे में बालू खनन, नौका संचालन के साथ ही मछली मारने पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। शासन के इस आदेश के बाद रामनगर का कछुआ सेंक्चुरी भी भदोही में ही शिफ्ट होगा। इससे गंगा में वाराणसी से हल्दिया तक शुरू जल परिवहन को भी गति मिलेगी। उधर नोटिफिकेशन जारी होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को डीघ ब्लॉक के बारीपुर उपरवार गांव पहुंचकर क्षेत्र का जायजा लिया।
डीएफओ आलोक सक्सेना ने बताया किबारीपुर से मेजा गंगा तट तक मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही का 30 किमी का दायरा कछुआ वन्य जीव अभ्यारण्य बनाया गया है। इस क्षेत्र में जलीय वन्य जीवों का संरक्षण किया जाएगा। कछुओं के अलावा गंजेटिक, डॉल्फिन जैसे जलीय जीव जंतुओं और जलीय वनस्पतियों के संरक्षण में यह क्षेत्र सहायक होगा।
कहा कि यह अभयारण्य गंगा नदी के जैविक प्रदूषण को कम करने में सहायक होगा। वाराणसी स्थित कछुआ वन्यजीव अभयारण्य को ही यहां गंगा की जलधारा में स्थानांतरित किया जा रहा है। राष्ट्रीय जलमार्ग प्रोजेक्ट को लेकर यह कदम उठाया गया।
रामनगर के कछुआ सेंक्चुरी को इलाहाबाद-भदोही की सीमा पर शिफ्ट किया जा रहा है। शासन का निर्देश मिलने के बाद कार्रवाई भी शुरू हो गई है। इसकी सूचना भदोही के डीएफओ को भी दी गई है।
महावीर,कौजलगी, प्रभागीय वन अधिकारी, वाराणसी