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Varanasi: आखिरकार अपने घर रवाना हुए रेगिस्तान के 10 'जहाज', तस्करों से बचे तो मुसीबत के दलदल में फंसे थे

Fri, 27 Jan 2023 07:55 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 27 Jan 2023 07:55 PM IST
सार

बीते साल 27 जून की रात पुलिस ने तस्करों के चंगुल से 16 ऊंटों को मुक्त कराया था। तस्करों के चंगुल से बचे ये बेजुबान मुसीबत के दलदल में फंसे थे। पहले कोर्ट कचहरी फिर लंबा इंतजार। इस इंतजार के दौरान उनके छह साथियों ने यहां दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम दो ट्रकों से 10 ऊंटों को राजस्थान भिजवाया गया। 

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10 Camels finally left for their home Rajasthan form varanasi were trapped in quagmire of trouble
ऊंटों के राजस्थान के सिरोही भेजा गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तस्करों से बचाए गए ऊंटों को आखिरकार छह माह के बाद शुक्रवार की शाम राजस्थान के सिरोही रवाना किया गया। गौ ज्ञान फाउंडेशन अपने खर्चे पर दो ट्रकों से 10 ऊंटों को राजस्थान भिजवाया। ऊंटों के चारा, पानी और दवा का इंतजाम भी किया गया। रेगिस्तान के जहाज राजस्थान के सिरोही स्थित पीपुल्स फॉर एनिमल आश्रय भेजे गए। बीते साल 27 जून को रामनगर पुलिस ने भीटी हाइवे से ट्रक में लदे 16 ऊंटों को बरामद किया था। रेत पर दौड़ने और राजस्थान की जलवायु में रहने के आदी ऊंटों को हाइवे के किनारे एक हाते में रखा गया। इन छह माह में छह ऊंटों ने दम तोड़ दिया।   

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गौ ज्ञान फाउंडेशन ने दो ट्रकों की व्यवस्था की और उसमें बालू रखवाते हुए पांच-पांच ऊंटों को सवार कराया। पशु चिकित्साधिकारी की ओर से दवा का इंतजाम किया गया। जबकि ऊंटों के लिए चारा पानी का इंतजाम फाउंडेशन ने की। शाम पांच बजे के बाद सभी ऊंटों को रवाना किया गया।  

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ये है पूरा मामला

27 जून की रात को गौ-ज्ञान फाउंडेशन की सूचना पर रामनगर पुलिस ने हाईवे से 16 ऊंटों को ट्रक से बरामद किया था। सभी के पैर और मुंह बंधे थे और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत से तस्करी कर बंगाल ले जाते समय दो तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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जिला प्रशासन के आदेश पर रामनगर पुलिस ने भीटी स्थित अहाते में रखा। गौ ज्ञान फाउंडेशन ने सभी ऊंटों को राजस्थान के सिरोही भिजवाने का मुद्दा उठाया तो मामला कोर्ट में चला गया और पांच से छह माह इसी में बीत गए।

इसी बीच खान-पान में कमी और पालन पोषण के अभाव में एक-एक कर छह ने दम तोड़ दिया। बचे हुए ऊंटों की अंतरिम अभिरक्षा गौ ज्ञान फाउंडेशन को सौंपने का आदेश पिछले एक दिसंबर को एसीजेएम प्रथम नीतेश कुमार सिन्हा की कोर्ट ने रामनगर पुलिस को दिया।

दो ऊंटों की मौत पर फाउंडेशन को संशय

10 Camels finally left for their home Rajasthan form varanasi were trapped in quagmire of trouble
रामनगर के अहाते में रखे गए थे ऊंट - फोटो : अमर उजाला

राजस्थान रवाना करते समय मात्र 10 ऊंट ही बचे मिले। पुलिस ने जब फाउंडेशन को इन 10 ऊंटों को सौंपा तो फाउंडेशन के अधिवक्ता सौरभ दीक्षित और शशांक शेखर तिवारी ने एतराज जताया। अधिवक्ताओं ने रामनगर पुलिस से मृत ऊंटों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगा। इस दौरान पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में जिला प्रशासन का सहयोग नहीं कर रहा है। 

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