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स्कंदमाता की पूजा की
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मां कल्याणी देवी। संवाद
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। प्रसिद्ध कल्याणी देवी, दुर्गा व पूर्णा देवी मंदिर में माता का जयकारा गूंजता रहा। भक्तों ने मां शेरावाली से सुख व समृद्धि की कामना की।
पंचमी पर जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। महिलाओं ने कन्याओं को हलवा पूड़ी खिलाई। ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में भी शाम तक भक्तों की भीड़ रही। भक्तों ने माता रानी को चुनरी, फल-फूल, रोली, सिंदूर व चूड़ी अर्पित कीं। घरों में भी भजन कीर्तन किया गया। उधर बिछिया के ओरहर गांव स्थित प्राचीन साखों देवी मंदिर की अलग ही महिमा है।
मंदिर के उप प्रबंधक दीपक सिंह ने बताया कि पास में ही राधा-कृष्ण पंचदेव धाम भी बना है। ओरहर के रामकिशोर मिश्र व महेंद्र शुक्ल ने बताया कि जब भी मंदिर खुलता है, मां की मूर्ति का जलाभिषेक हो चुका होता है। लोगों की मान्यता है कि माता साखों देवी प्रतिमा का नीर आंखों की ज्योति बढ़ाता है। पुजारी कमलाकांत तिवारी ने बताया कि लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं।
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पंचमी पर जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया। महिलाओं ने कन्याओं को हलवा पूड़ी खिलाई। ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में भी शाम तक भक्तों की भीड़ रही। भक्तों ने माता रानी को चुनरी, फल-फूल, रोली, सिंदूर व चूड़ी अर्पित कीं। घरों में भी भजन कीर्तन किया गया। उधर बिछिया के ओरहर गांव स्थित प्राचीन साखों देवी मंदिर की अलग ही महिमा है।
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मंदिर के उप प्रबंधक दीपक सिंह ने बताया कि पास में ही राधा-कृष्ण पंचदेव धाम भी बना है। ओरहर के रामकिशोर मिश्र व महेंद्र शुक्ल ने बताया कि जब भी मंदिर खुलता है, मां की मूर्ति का जलाभिषेक हो चुका होता है। लोगों की मान्यता है कि माता साखों देवी प्रतिमा का नीर आंखों की ज्योति बढ़ाता है। पुजारी कमलाकांत तिवारी ने बताया कि लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं।

मां अन्नपूर्णा देवी धाम में दर्शन करते भक्त। संवाद- फोटो : UNNAO
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