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Unnao News: दूसरे दिन भी रुका रहा आउटर रिंग रोड का काम, नहीं पहुंचे अधिकारी
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अचलगंज। किसानों को भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मिलने में देरी से आउटर रिंग रोड का काम रुक गया है। दूसरे दिन भी काम रुका होने के बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। किसानों ने दोटूक कहा कि जब तक भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक काम नहीं होने देंगे।
आउटर रिंग रोड के लिए सिकंदरपुर कर्ण के रघुनाथखेड़ा, कंचनखेड़ा, गड़सर, आटा, सुपासी आदि के किसानों की जमीन का अधिग्रहण 2023 में किया गया था। इसके लिए सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा किसानों को दिया जाना था। अधिसूचना जारी होने के समय सुपासी ग्रामसभा का सर्किल रेट तीन लाख प्रति बीघा था। इसके तहत 12 लाख रुपये प्रति बीघा का मुआवजा मिलना था। अकेले सुपासी ग्रामसभा से लगभग 60 किसानों की 25 बीघा भूमि अधिग्रहित की गई।
इनको आज तक मुआवजा नहीं मिल सका है। गुरुवार को काम करने आए निर्माण कंपनी के कर्मचारियों को किसानों ने लौटा दिया था। अब आगे भी काम न होने देने की चेतावनी दी है। पप्पू यादव, रोशन लाल, रामदुलारे, शिशुपाल, ज्ञानेंद्र, राम किशुन, राम बहादुर, फूल कुमार, बच्चूलाल, राम स्वरूप, सत्य नारायण, शिवनारायण, रघुबीर, राम कुमार, पंचम, सोनेलाल, शिवराज, सीताराम, उमाशंकर, सियाराम, सुरेंद्र, वीरेंद्र, शैलेंद्र ने बताया कि मुआवजा जब तक नहीं मिलता है तब तक काम नहीं होने दिया जाएगा। तहसीलदार अविनाश चौधरी ने बताया कि पट्टा पत्रावली लंबित है। लेखपालों से जानकारी ली गई है। मामला सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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ठेकेदार मकान खाली करने के लिए दे रहा धमकी
रघुनाथखेड़ा निवासी किसान शिव प्रसाद ने बताया कि वर्ष-2005 में उन्हें आवंटन में आधा बिस्वा जमीन मिली थी, जिस पर मकान बना लिया था। ठेकेदार धमकी दे रहा है कि मकान खाली करो, गिराना है। जबकि एक पैसा मुआवजा भी नहीं मिला है।
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किसान रोशन लाल ने बताया कि उनकी जमीन भी रिंग रोड में गई है लेकिन उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही मुआवजा मिला। अब ठेकेदार काम चालू करने के लिए जमीन से कब्जा छोड़ने के लिए कह रहा है और धमकी दे रहा है।
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किसान पप्पू यादव ने बताया कि वह सारे कागज लेकर घूम रहे हैं। तहसील के चक्कर काट रहा हूं। कोई उनकी बात तक नहीं सुन रहा। अधिकारी तो इतने व्यस्त हैं कि उनकी समस्या सुनने तक को राजी नहीं। अब वह भी आरपास की लड़ाई लड़ेंगे।
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कंचनखेड़ा निवासी किसान टोडे लाल ने बताया कि धान की फसल काटने के बाद गेहूं की बुआई की तैयारी कर रहे थे। ठेकदार ने जेसीबी से खेत समतल कर फसल बोने से रोक दिया। सारे कागजात तैयार हैं। जमीन भी जा रही और मुआवजा नहीं मिल पा रहा।
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आउटर रिंग रोड के लिए सिकंदरपुर कर्ण के रघुनाथखेड़ा, कंचनखेड़ा, गड़सर, आटा, सुपासी आदि के किसानों की जमीन का अधिग्रहण 2023 में किया गया था। इसके लिए सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा किसानों को दिया जाना था। अधिसूचना जारी होने के समय सुपासी ग्रामसभा का सर्किल रेट तीन लाख प्रति बीघा था। इसके तहत 12 लाख रुपये प्रति बीघा का मुआवजा मिलना था। अकेले सुपासी ग्रामसभा से लगभग 60 किसानों की 25 बीघा भूमि अधिग्रहित की गई।
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इनको आज तक मुआवजा नहीं मिल सका है। गुरुवार को काम करने आए निर्माण कंपनी के कर्मचारियों को किसानों ने लौटा दिया था। अब आगे भी काम न होने देने की चेतावनी दी है। पप्पू यादव, रोशन लाल, रामदुलारे, शिशुपाल, ज्ञानेंद्र, राम किशुन, राम बहादुर, फूल कुमार, बच्चूलाल, राम स्वरूप, सत्य नारायण, शिवनारायण, रघुबीर, राम कुमार, पंचम, सोनेलाल, शिवराज, सीताराम, उमाशंकर, सियाराम, सुरेंद्र, वीरेंद्र, शैलेंद्र ने बताया कि मुआवजा जब तक नहीं मिलता है तब तक काम नहीं होने दिया जाएगा। तहसीलदार अविनाश चौधरी ने बताया कि पट्टा पत्रावली लंबित है। लेखपालों से जानकारी ली गई है। मामला सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
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ठेकेदार मकान खाली करने के लिए दे रहा धमकी
रघुनाथखेड़ा निवासी किसान शिव प्रसाद ने बताया कि वर्ष-2005 में उन्हें आवंटन में आधा बिस्वा जमीन मिली थी, जिस पर मकान बना लिया था। ठेकेदार धमकी दे रहा है कि मकान खाली करो, गिराना है। जबकि एक पैसा मुआवजा भी नहीं मिला है।
किसान रोशन लाल ने बताया कि उनकी जमीन भी रिंग रोड में गई है लेकिन उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही मुआवजा मिला। अब ठेकेदार काम चालू करने के लिए जमीन से कब्जा छोड़ने के लिए कह रहा है और धमकी दे रहा है।
किसान पप्पू यादव ने बताया कि वह सारे कागज लेकर घूम रहे हैं। तहसील के चक्कर काट रहा हूं। कोई उनकी बात तक नहीं सुन रहा। अधिकारी तो इतने व्यस्त हैं कि उनकी समस्या सुनने तक को राजी नहीं। अब वह भी आरपास की लड़ाई लड़ेंगे।
कंचनखेड़ा निवासी किसान टोडे लाल ने बताया कि धान की फसल काटने के बाद गेहूं की बुआई की तैयारी कर रहे थे। ठेकदार ने जेसीबी से खेत समतल कर फसल बोने से रोक दिया। सारे कागजात तैयार हैं। जमीन भी जा रही और मुआवजा नहीं मिल पा रहा।