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Unnao News: जांच टीम के सामने महिलाओं ने उखाड़ दी माइनर में लगी जाली
Fri, 01 Aug 2025 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Fri, 01 Aug 2025 12:41 AM IST
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माइनर में लगाई गई जाली हटाती महिलाएं।
- फोटो : माइनर में लगाई गई जाली हटाती महिलाएं।
सफीपुर (उन्नाव) । एक हजार बीघा धान की जलमग्न फसल का निरीक्षण करने राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में कई बार महिलाओं ने तालाब की नाली व माइनर में लगी जाली उखाड़कर फेंक दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण रही। आखिर में सभी जालियां मानक अनुरूप लगाए जाने पर सहमति बनीं। तब जाकर मामला शांत हुआ।
मियागंज ब्लाक क्षेत्र के गांव ताजपुर, अहमदपुर, पनापुर, सिर्स कन्हर व सिर्स चेरी आदि पंचायतों के तीन सौ किसानों के खेतों में बोई गई धान की फसल जलमग्न हो गई। मत्स्य पालन के तालाब की नाली व नजदीक की माइनर में मानकविहीन जाली लगाने से पानी ओवरफ्लो हुआ था। किसानों के लगातार शिकायत करने के बाद अधिकारियों ने मामले की सुध ली।
गुरुवार सुबह पहले एसडीएम प्रज्ञा पांडेय स्वयं मौके पर पहुंची और समस्या का जायजा लिया। इसके बाद नायब तहसीलदार दीपक गौतम, कानूनगो विनोद कुमार व दो लेखपालों चंद्रशेखर और प्रशांत शेखर के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आने की सूचना पर किसान महिलाओं के साथ ताजपुर पहुंच गए। यहां राजस्व कर्मियों ने जाली लगाने वाले पट्टा धारक समिति के संरक्षक रामबरन कुरील को भी मौके पर बुलाया। राजस्व टीम व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किसानों और मत्स्य पालन समिति के संरक्षक के बीच चार घंटे तक बातचीत चली। इस दौरान कई बार झड़प भी हुई। इसी बीच महिलाओं ने जाली निकाल सड़क पर फेंक दी। जांच टीम को गऊ घाट में भी महीन जाली मिली। समिति संरक्षक ने आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर लगी जाली हटाकर मानक के अनुरूप नई जाली लगा दी जाएगी। एसडीएम ने बताया कि खेतों में पानी भरा है। मौके पर दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार मत्स्य पालन समिति मानक के अनुरूप जाली लगाएगी।
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मियागंज ब्लाक क्षेत्र के गांव ताजपुर, अहमदपुर, पनापुर, सिर्स कन्हर व सिर्स चेरी आदि पंचायतों के तीन सौ किसानों के खेतों में बोई गई धान की फसल जलमग्न हो गई। मत्स्य पालन के तालाब की नाली व नजदीक की माइनर में मानकविहीन जाली लगाने से पानी ओवरफ्लो हुआ था। किसानों के लगातार शिकायत करने के बाद अधिकारियों ने मामले की सुध ली।
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गुरुवार सुबह पहले एसडीएम प्रज्ञा पांडेय स्वयं मौके पर पहुंची और समस्या का जायजा लिया। इसके बाद नायब तहसीलदार दीपक गौतम, कानूनगो विनोद कुमार व दो लेखपालों चंद्रशेखर और प्रशांत शेखर के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आने की सूचना पर किसान महिलाओं के साथ ताजपुर पहुंच गए। यहां राजस्व कर्मियों ने जाली लगाने वाले पट्टा धारक समिति के संरक्षक रामबरन कुरील को भी मौके पर बुलाया। राजस्व टीम व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किसानों और मत्स्य पालन समिति के संरक्षक के बीच चार घंटे तक बातचीत चली। इस दौरान कई बार झड़प भी हुई। इसी बीच महिलाओं ने जाली निकाल सड़क पर फेंक दी। जांच टीम को गऊ घाट में भी महीन जाली मिली। समिति संरक्षक ने आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर लगी जाली हटाकर मानक के अनुरूप नई जाली लगा दी जाएगी। एसडीएम ने बताया कि खेतों में पानी भरा है। मौके पर दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार मत्स्य पालन समिति मानक के अनुरूप जाली लगाएगी।
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