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Unnao News: छात्र को किसने दी थी कॉलेज से बाहर जाने की अनुमति, होगी जांच
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उन्नाव। मार्ग दुर्घटना में एमबीबीएस छात्र की मौत के बाद मेडिकल काॅलेज प्रबंधन ने छात्रों के परिसर से बाहर जाने पर रोक लगा दी है। वहीं, शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से शव लेकर परिजन महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए। उन्हें एयर लिफ्ट की सुविधा नहीं मिली। छात्र के तीन दोस्त भी परिजनों के साथ गए हैं।
शिवमंदिर बालाजी गली जिला औरंगाबाद महाराष्ट्र निवासी मयूर (28) सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र था। मयूर गुरुवार रात सड़क हादसे में घायल हुआ था। लखनऊ के मेदांता अस्पताल देर रात मौत हो गई थी। घायल होने के बाद लखनऊ ले जाने के लिए समय पर एंबुलेंस न आने से नाराज छात्रों ने हंगामा और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। छात्रों ने मृत छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा की मांग की थी।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरएन श्रीवास्तव ने बताया कि छात्र के शव को हवाई जहाज से भेजने की बात हुई थी, लेकिन लखनऊ से सीधे महाराष्ट्र के लिए बुकिंग न होने से दिल्ली से दूसरे हवाई जहाज से ले जाना पड़ता। इस पर परिजन तैयार नहीं हुए। इसलिए एंबुलेंस से शव भेजा गया। उन्होंने बताया कि सभी छात्रों के कॉलेज परिसर से बाहर जाने पर सख्ती से रोक लगा दी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि छात्र किससे अनुमति लेकर बाहर गया था और उसके साथ कोई और छात्र तो नहीं गया था।
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हटाए जा रहे क्षतिग्रस्त वाहन
आक्रोशित छात्रों ने कुल 13 वाहनों में तोड़फोड़ की थी, इनमें सात एंबुलेंस और छह अन्य वाहन शामिल हैं। सभी के शीशे टूटे हैं और कुछ वाहनों में अन्य नुकसान भी हुआ है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले छात्रों पर किसी तरह की कार्रवाई न करने की बात कह रहा है। हालांकि उन छात्रों को चिन्हित करने की बात जरूर की जा रही है, ताकि उनकी काउंसिलिंग हो सके।
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अर्पित की पुष्पांजलि, गमगीन रहा माहौल
काॅलेज प्रबंधन, शिक्षकों और छात्रों ने दिवंगत छात्र मयूर की आत्मशांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और पुष्पांजलि अर्पित की। शनिवार को कॉलेज का माहौल गमगीन रहा। रोज की तरह दिखने वाली चहल पहल नहीं रही। कक्षाएं सुचारु रूप से चलीं।
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शिवमंदिर बालाजी गली जिला औरंगाबाद महाराष्ट्र निवासी मयूर (28) सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र था। मयूर गुरुवार रात सड़क हादसे में घायल हुआ था। लखनऊ के मेदांता अस्पताल देर रात मौत हो गई थी। घायल होने के बाद लखनऊ ले जाने के लिए समय पर एंबुलेंस न आने से नाराज छात्रों ने हंगामा और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। छात्रों ने मृत छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा की मांग की थी।
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कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरएन श्रीवास्तव ने बताया कि छात्र के शव को हवाई जहाज से भेजने की बात हुई थी, लेकिन लखनऊ से सीधे महाराष्ट्र के लिए बुकिंग न होने से दिल्ली से दूसरे हवाई जहाज से ले जाना पड़ता। इस पर परिजन तैयार नहीं हुए। इसलिए एंबुलेंस से शव भेजा गया। उन्होंने बताया कि सभी छात्रों के कॉलेज परिसर से बाहर जाने पर सख्ती से रोक लगा दी गई है। यह भी जांच की जा रही है कि छात्र किससे अनुमति लेकर बाहर गया था और उसके साथ कोई और छात्र तो नहीं गया था।
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हटाए जा रहे क्षतिग्रस्त वाहन
आक्रोशित छात्रों ने कुल 13 वाहनों में तोड़फोड़ की थी, इनमें सात एंबुलेंस और छह अन्य वाहन शामिल हैं। सभी के शीशे टूटे हैं और कुछ वाहनों में अन्य नुकसान भी हुआ है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले छात्रों पर किसी तरह की कार्रवाई न करने की बात कह रहा है। हालांकि उन छात्रों को चिन्हित करने की बात जरूर की जा रही है, ताकि उनकी काउंसिलिंग हो सके।
अर्पित की पुष्पांजलि, गमगीन रहा माहौल
काॅलेज प्रबंधन, शिक्षकों और छात्रों ने दिवंगत छात्र मयूर की आत्मशांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और पुष्पांजलि अर्पित की। शनिवार को कॉलेज का माहौल गमगीन रहा। रोज की तरह दिखने वाली चहल पहल नहीं रही। कक्षाएं सुचारु रूप से चलीं।