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Unnao News: नहरों में छोड़ा गया पानी, किसानों को राहत
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उन्नाव। पिछले दो माह से औसत बारिश न होने से परेशान किसानों को नहरों में पानी आ जाने से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। किसान अब नहर पानी से फसलों की सिंचाई कर सकेंगे।
जून, जुलाई समाप्त हो गया है लेकिन दोनों माह में औसत बारिश नहीं हुई है। जून में 67.5 मिमी सामान्य बारिश अच्छी मानी जाती है लेकिन इस बार मात्र 6.67 मिमी ही बारिश हुई। जुलाई में 262.8 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 39.17 मिमी ही पानी बरसा। एक तरफ सामान्य बारिश न होने से प्रकृति के उदासीन होने और दूसरी ओर नहरें सूखी होने से किसान परेशान थे। बारिश न होने से फसलें सूख रही थीं।
अमर उजाला ने 26 जुलाई को इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़ने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों से पत्राचार शुरू किया। जिसके बाद नहरों में पानी छोड़ दिया। मुर्तजानगर नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ बारिश न होने, नहरें सूखी और बिजली की अंधाधुंध कटौती से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। निजी पंप से सिंचाई महंगी पड़ रही थी। अब नहरों में पानी आने से फसल सिंचाई में फायदा पहुंचने की उम्मीद जगी है।
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जून, जुलाई समाप्त हो गया है लेकिन दोनों माह में औसत बारिश नहीं हुई है। जून में 67.5 मिमी सामान्य बारिश अच्छी मानी जाती है लेकिन इस बार मात्र 6.67 मिमी ही बारिश हुई। जुलाई में 262.8 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 39.17 मिमी ही पानी बरसा। एक तरफ सामान्य बारिश न होने से प्रकृति के उदासीन होने और दूसरी ओर नहरें सूखी होने से किसान परेशान थे। बारिश न होने से फसलें सूख रही थीं।
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अमर उजाला ने 26 जुलाई को इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने नहरों में पानी छोड़ने के लिए मुख्यालय के अधिकारियों से पत्राचार शुरू किया। जिसके बाद नहरों में पानी छोड़ दिया। मुर्तजानगर नहर में पानी आने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि एक तरफ बारिश न होने, नहरें सूखी और बिजली की अंधाधुंध कटौती से फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। निजी पंप से सिंचाई महंगी पड़ रही थी। अब नहरों में पानी आने से फसल सिंचाई में फायदा पहुंचने की उम्मीद जगी है।
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