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घर-घर से कूड़ा उठवाने की योजना नहीं चढ़ सकी परवान

Wed, 08 Jan 2020 12:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jan 2020 12:45 AM IST
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wastage
उन्नाव। पालिका की घर-घर कूड़ा उठवाने की व्यवस्था परवान नहीं चढ़ सकी। शहर में जगह-जगह कूड़ा पड़ा होने के साथ ही गलियों में भी गंदगी फैली हुई है। कई मोहल्लों में तो सफाई कर्मी ही नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे लोग घरों का कूड़ा फेंकने के लिए दूर जाते हैं। पालिका अधिकारियों के मुताबिक शहर में सफाई के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। उसके बाद भी गंदगी से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
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शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और राजस्व बढ़ाने के लिए नगर पालिका ने कुछ दिन पहले घर-घर कूड़ा उठान की व्यवस्था शुरू की थी। जिसमें कुछ दिन पहले नगर पालिका ने प्राईवेट कर्मी लगाकर घर घर कूड़ा उठाने की योजना की शुरुआत की थी। लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष ने बिना टेंडर कूड़ा उठान का विरोध किया था। जिस पर यह व्यवस्था भी बंद हो गई। सड़कों के किनारे रोजाना करीब 70 मीट्रिक टन कूड़ा फेंका जाता है। यही नहीं नियमित उठान न होे पाने से करीब 20 मीट्रिक टन कचरा गलियों में ही पड़ा रहता है। इससे दुर्गंध के साथ वातावरण पर भी इसका असर पड़ रहा है।
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पांच साल से शहर में चल रही कूड़ा डंपिंग ग्राउंड बनाने की कवायद भी धीमी है। पालिका ने जो घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था की थी वह भी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। इससे कूड़ा शहरों पर पड़ा हुआ है। नतीजतन नगर पालिका प्रशासन शहर से निकलने वाला कूड़ा हाईवे और हरदोई मार्ग के किनारे फिंकवा रहा है। शहर में नियमित, संविदा और ठेकेदारी प्रथा के तहत 684 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। उसके बाद भी शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है।
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नगर पालिका ने घरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से कूड़ा उठवाने के लिए निजी संस्थाओं को अधिकृत करने के लिए आवेदन मांगे थे। घरों से प्रति परिवार से प्रतिमाह 50 रूपये, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से प्रति माह 200 रुपये और तीन सौ वर्ग फिट से अधिक क्षेत्रफल वाले व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से न्यूनतम 500 रुपये प्रतिमाह शुल्क तय किया था। इसके लिए 4 निजी संस्थाओं ने नगर पालिका में आवेदन किया था। लेकिन नगर पालिका ईओ ने केवल पीलीभीत की एजेंसी को बिना एग्रीमेंट कराए ही पूरे शहर में कूड़ा उठाने व भवन स्वामियों से मासिक शुल्क लेने की अनुमति दे दी।
नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार की मंशा थी कि चार-पांच अलग अलग एजेंसियों को काम दिया जाए। इससे उनमें प्रतिस्पर्धा रहेगी तो शहर की स्वच्छता बेहतर होगी। इसी विवाद के चलते योजना फिर ठंडे बस्ते में चली गई।

ईओ रामपूजन श्रीवास्तव ने बताया कि घर घर कूड़ा उठान की व्यवस्था बंद नहीं हुई है। उसका संचालन किया जा रहा है। गति धीमी होने पर उन्होंने बताया कि इसमें तेजी लाई जाएगी। शहर में गंदगी नहीं होेने दी जाएगी।
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